Animal Shed: चारा खाते वक्त गाय-भैंस की गर्दन कितनी झुक रही है, इसी से तय होती है हैल्थ 

Animal Shed: चारा खाते वक्त गाय-भैंस की गर्दन कितनी झुक रही है, इसी से तय होती है हैल्थ 

Animal Shed गाय-भैंस के खाने की नांद का डिजाइन इस तरह से रखा गया हो कि उसे खाने के लिए ना तो बहुत नीचे गर्दन झुकानी पड़े और ना ही ज्यादा सीधे खड़े होकर खाने की कोशिश करनी पड़े. वहीं अगर डिजाइन मानकों पर है तो पशुओं को गर्भपात जैसी परेशानियों का भी सामना नहीं करना पड़ता है.  

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Animal Shed: चारा खाते वक्त गाय-भैंस की गर्दन कितनी झुक रही है, इसी से तय होती है हैल्थ भैंस की टॉप 4 नस्लें

भूसा या चारा खाते वक्त गाय-भैंस की गर्दन कितनी झुक रही है, चारा-भूसा खाते वक्त शरीर पर कितना जोर पड़ रहा है, इसका सीधा संबंध पशुओं की हैल्थ से होता है. हालांकि ये सब सुनने में कुछ अजीब लगता है, लेकिन इसके लिए भी मानक तय हैं. पशुओं को चारा-भूसा खाते वक्त किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए शेड में बनाई जाने वाली नांद को मानकों के हिसाब से बनाया जाता है. नांद उसे कहा जाता है जहां गाय-भैंस के खाने के लिए भूसा और चारा डाला जाता है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो भैंस के शेड और उसकी खाने की नांद के डिजाइन का असर उसके खानपान पर पड़ता है.

इसलिए अगर शेड और नांद बनवाते वक्त मानकों का ख्याल नहीं रखा तो अच्छी से अच्छी खुराक देने पर भी गाय-भैंस का उत्पादन नहीं बढ़ेगा. हैल्थ नहीं बनेगी. इसलिए शेड बनवाते वक्त सबसे पहले पशुओं को विपरीत मौसम से बचाने वाले शेड का निर्माण कराया जाना चाहिए. एक्सपर्ट का कहना है कि शेड और नांद के डिजाइन पर इसलिए भी शुरआत में जोर दिया जाता है कि जब भैंस गाभिन हो तो उसे गर्भपात वाली परेशानियों से बचाया जा सके. हीट वेव के दौरान भैंस सुराक्षित रहे और उसका उत्पादन ना गिरे.

पशु शेड में ऐसे बनवाएं नांद 

  • भैंस का शेड तीन तरफ स पांच फीट ऊंची दीवार से घिरा होना चाहिए.
  • शेड में जहां नांद बनाई जाए वहां दीवार नहीं होनी चाहिए. 
  • ख्याल रहे कि नांद हमेशा उत्तर दिशा में बनानी चाहिए. 
  • नांद का डिजाइन ऐसा होना चाहिए जिसमे आसानी से चारा डाला जा सके. 
  • जवान भैंस के लिए नांद की जमीन से ऊंचाई 50 सेमी और बछड़ों के लिए 20-25 सेमी होनी चाहिए.
  • भैंस और बछड़ों के लिए नांद की गहराई 40 और 20 सेमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
  • शेड के अंदर बने नांद के पास पांच फीट चौड़ा, बिना फिसलन वाला, आसानी से साफ होने वाला और थोड़ा ढलान वाला फर्श बनवाया जाना चाहिए.
  • शेड के कवर्ड एरिया का फर्श शेड की खुली जमीन से थोड़ा ऊपर होना चाहिए.
  • शेड के ओपन एरिया में पीने के पानी के लिए एक टंकी बनाई जानी चाहिए. 
  • शेड की नालियां ढकी हुई होनी चाहिए. 
  • शेड में एक भैंस के लिए कवर्ड एरिया 30-40 और ओपन एरिया 800-1000 वर्ग फुट होना चाहिए.
  • शेड में बछड़ों के लिए कवर्ड एरिया 20-25 और ओपन एरिया 50-60 वर्ग फुट होना चाहिए.
  • भैंस की नांद की जगह के पास कवर्ड एरिया में ढाई से तीन फीट की जगह होनी चाहिए. 
  • चारे के लिए नांद की जगह के पास बछड़े के लिए कवर्ड एरिया में डेढ़ फीट की जगह होनी चाहिए. 
  • शेड की छत पाइप और एंगल आयरन पर एस्बेस्टस शीट के साथ थोड़ी ढलान वाली बनानी चाहिए.
  • एस्बेस्टस और टिन की चादरों की तुलना में छप्पर की छत बनवाना सस्ता पड़ता है.

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