Desi Cow: गाय खरीदने जा रहे हैं तो रुक जाएं, कुछ दिन बाद इस आधार पर खरीदें Desi Cow: गाय खरीदने जा रहे हैं तो रुक जाएं, कुछ दिन बाद इस आधार पर खरीदें
खासतौर पर पशुओं की दो बड़ी बीमारियों को लेकर सरकार ने अलर्ट जारी किया हुआ है. पशुपालकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है. फिर भी अगर आप गाय खरीदने जा रहे हैं तो अभी न खरीदें. हो सकता है कि आप बाजार से बीमार गाय ले आएं. और जब भी खरीदें तो कुछ मानकों का पालन करते हुए ही खरीदें.
पेरियार गाय को मिला देसी नस्ल का दर्जा (सांकेतिक तस्वीर-AI Generated)नासिर हुसैन - New Delhi,
- Sep 14, 2026,
- Updated Sep 14, 2026, 3:23 PM IST
पशुओं के मामले में सितम्बर हाई अलर्ट पर है. गायों की बीमारी लंपी एक बार फिर अपना असर दिखा रही है. वहीं गाय-भैंस की बीमारी खुरपका-मुंहपका को लेकर खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है. ऐसे में अगर आप गाय खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो अभी कुछ दिन रुक जाएं. क्योंकि अभी गायों के बीच में बीमारियां फैली हुई हैं. यहां तक की कुछ राज्यों ने तो पशुओं को ट्रांसपोर्ट करने पर रोक भी लगा दी है. ऐसे में गाय ही नहीं भैंस खरीदना भी जोखिम भरा हो सकता है.
एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गाय-भैंस में कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनके बारे में तुरंत ही पता नहीं चल पाता है. घर लाने पर भी कई दिन बाद पता चलता है कि जो पशु खरीदा है वो बीमार है. इसलिए एक्सपर्ट ये सलाह देते हैं कि जब भी गाय खरीदें तो कुछ मानकों का पालन करना चाहिए. अगर मानकों का पालन किया तो इसके दो फायदे होते हैं. पहला बीमार पशु घर नहीं आएगा और दूसरा पशु हैल्दी और दूध देने वाला होगा.
गाय खरीदें तो ऐसे करें पहचान
- गिर गाय की पहचान उसके लटके हुए कान, काली आंखें और फैले हुए सींग होते हैं. ये गुजरात की नस्ल है.
- साहीवाल गाय की पहचान उसका लाल और भूरा रंगा होता है. ये मूल रूप से पाकिस्तान की नस्ल है.
- राठी गाय भूरे, सफेद और लाल रंग की धब्बेदार होती है. इसका मूल स्थान राजस्थान है.
- नागोरी गाय की थूथन सींग और खुर पूरी तरह से काले होते हैं. ये राजस्थान के जोधपुर की नस्ल है.
- थारपारकर गाय के कान के अंदर की त्वचा का रंग पीला होता है और ये राजस्थान की नस्ल है.
- हरियाणवी गाय ज्यादातर सफेद या भूरे रंग में पाई जाती है. इनका चेहरा संकरा और सींग बड़े होते हैं. नाम के मुताबिक ही ये हरियाणा की नस्ल् है.
- कांकरेज गाय की पहचान इसके बड़े सींग हैं और ये ज्याादातर गुजरात में ही पाई जाती है.
- बद्री गाय का बड़ा ही महत्वै है. इसकी पहचान भी खासतौर पर रंग से ही होती है. ये भूरे, सफेद, लाल और काले रंग में होती है. इसका मूल निवास उत्तराखंड है.
- पुंगनुर गाय कद में बहुत छोटी होती है. ये तीन से पांच लीटर तक दूध देती है. पीएम भी इसकी तारीफ कर चुके हैं. ये आंध्र प्रदेश में पाई जाती है.
- लाल सिंधी गाय नाम के मुताबिक पूरी तरह से लाल रंग की होती है. इसकी नाक भी लाल रंग की ही होती है. ये नस्ल मूल रूप से पाकिस्तान की है.
गायों से जुड़ी ये बातें भी पढ़ें
- ए2 दूध को देसी घी के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.
- ए2 दूध में ए, डी, ई और के जैसे पोषक तत्व होते है.
- ए2 दूध स्वाद में बेहतर होता है साथ में पाचन क्रिया को भी अच्छा बनाता है.
- ए2 दूध में बीमारियों से लड़ने की भी क्षमता होती है.
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