Bater Farming: बटेर पालन से सर्दियों में मुनाफा कमाना है तो अभी से शुरू कर दें तैयारी 

Bater Farming: बटेर पालन से सर्दियों में मुनाफा कमाना है तो अभी से शुरू कर दें तैयारी 

Bater Farming पोल्ट्री एक्सपर्ट दावा करते हैं कि बटेर के मीट में प्रोटीन की मात्रा 25 फीसद तक होती है. बटेर के अंडों की बात करें तो इसमे 41 तत्व पाए जाते हैं. मुर्गी पालन की तरह से बटेर से लम्बे वक्त तक मुनाफा नहीं कमा सकते हैं. बटेर सिर्फ 60 हफ्तों ही अंडे देती है. 

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Bater Farming: बटेर पालन से सर्दियों में मुनाफा कमाना है तो अभी से शुरू कर दें तैयारी कम खर्च में करें इस पक्षी का पालन

चिकन के साथ बटेर बड़ी तेजी से बाजार में अपनी जगह बना रही है. चिकन बेशक साल के 12 महीने हर मौसम में खाया जाता है, लेकिन बटेर को खासतौर से सर्दियों में बहुत पसंद किया जाता है. नंबर अभी कम है, लेकिन बटेर पालन तेजी से बढ़ रहा है. बाजार में बटेर के मीट और अंडों की खूब डिमांड रहती है. बटेर पालन कम लागत और कम जगह में शुरू हो जाता है. इस वजह से भी लोग इसे पसंद कर रहे हैं. राज्य की पोल्ट्री पॉलिसी और जरूरी लाइसेंस के बाद शुरू किया जा सकता है. 

खास बात ये है कि मुर्गी पालन के मुकाबले बटेर पालन को सिर्फ 50 हजार रुपये की लागत पर शुरू किया जा सकता है. पोल्ट्री एक्सपर्ट के मुताबिक बटेर के मीट में पौष्टिकता के ज्यादातर गुण पाए जाते हैं. यही वजह है कि बटेर का मीट बाजार में खासा महंगा मिलता है.

बटेर पालन के लिए ये हैं जरूरी टिप्स 

  • सिर्फ 50 हजार रुपये जैसी छोटी रकम लगाकर बटेर पालन से सालाना 10 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है. 
  • बटेर बहुत छोटा पक्षी होता है, इसलिए मुर्गी पालन की तरह से इसके लिए ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती है. 
  • बटेर की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. मादा बटेर 40 से 45 दिन में अंडा देने के लिए तैयार हो जाती है, वहीं मीट के लिए भी 50 दिन तक की बटेर बाजार में बिक जाती है. 
  • मुर्गियों के मुकाबले बटेर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होती है, इसलिए बटेर जल्दी बीमारियों की चपेट में नहीं आती है. 
  • जापानी बटेर (Japanese Quail) और बॉब व्हाइट बटेर (Bob white Quail) जैसी नस्लें ज्यादा मुनाफा देने वाली मानी जाती हैं. इन्हें भारत में भी पाला जाता है. 
  • बटेर के मीट और अंडों की होटल-रेस्टोरेंट में बहुत डिमांड होत है. वहीं सर्दियों के मौसम में खुले बाजार में भी बटेर के मीट की बहुत डिमांड होती है. 

बटेर से बनते हैं 6 प्रोडक्ट 

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राज नारायण का कहना है कि बटेर का इस्तेमाल सिर्फ मीट और अंडे के लिए ही नहीं किया जाता है. बटेर से करीब पांच से छह  तरह के प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं. लेकिन बटेर से प्रोडक्ट बनाने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है. बरेली में ये ट्रेनिंग दी जाती है. बटेर के अंडे का अचार बहुत अच्छी रेसिपी मानी जाती है. बटेर का मीट चिकन बहुत महंगा मिलता है. चिकन दो से ढाई सौ रुपए किलो तक मिल जाता है. जबकि बटेर का मीट एक हजार रुपये से लेकर से 1200 रुपये किलो तक बिकता है. हालांकि मौसम के हिसाब से इसके दाम घटते-बढ़ते रहते हैं.

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