Bear-Elephant: गर्मी तेज होते ही हाथी-भालुओं की डाइट में आ जाते हैं ठंडे-ठंडे रंग-बिरंगे फल 

Bear-Elephant: गर्मी तेज होते ही हाथी-भालुओं की डाइट में आ जाते हैं ठंडे-ठंडे रंग-बिरंगे फल 

Bear-Elephant उत्तर भारत में गर्मी से बुरा हाल हो गया है. कई शहरों में तापमान 46 डिग्री को भी छू गया है. इंसान ही नहीं जानवर भी बेहाल हो रहे हैं. आगरा और मथुरा में बने भालू और हाथी बचाव केन्द्र में उन्हें ठंडा रखने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं. गर्मी को देखते हुए विशेष प्रबंधन प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया गया है. 

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Bear-Elephant: गर्मी तेज होते ही हाथी-भालुओं की डाइट में आ जाते हैं ठंडे-ठंडे रंग-बिरंगे फल ठंडे और जमे हुए फल खाते भालू.

नौतपा ही शुरुआत हो चुकी है. अब तो दिन ही नहीं रात भी तप रही हैं. गर्म हवाएं चल रही हैं. पारा भी 45 के पार जा चुका है. मौसम को लेकर कई तरह के अलर्ट आ रहे हैं. ऐसे में इंसान ही नहीं पशु भी बैचेन हो रहे हैं. इस गर्मी में आगरा-मथुरा में रह रहे भालू और हाथी भी परेशान हैं. आगरा का तापमान पहले ही रिकॉर्ड तोड़ चुका है. मथुरा भी भीषण गर्मी की चपेट में है. ऐसे में भालूओं और हाथि‍यों को गर्मी में कूल रखने की हर संभव कोशि‍श की जा रही है. रहन-सहन में बदलाव करने के साथ ही उनकी डाइट को भी बदला गया है. नए मेन्यू में ठंडे-ठंडे जमे हुए रंग-बिरंगे फल शामिल किए गए हैं. 

हाथी और भालुओं के एक्सपर्ट की मानें तो गर्मियों के खास प्रबंधन में जानवरों को हाइड्रेट रखना और गर्मी में भी ठंडा रखने के उपाय शामिल हैं. खास तरह से कटिंग किए हुए फलों को जमाकर उन्हें भालुओं को खाने के लिए दिया जाता है. ऐसे फलों की मात्रा बढ़ा दी जाती है जो हाइड्रेटिंग यानि पानी से भरपूर होते हैं. ठंडी हवा और पानी के फुव्वारों का भी इंतजाम किया जाता है. 

भालू खा रहे आइस पॉप्सिकल्स

आगरा भालू संरक्षण केंद्र में भालुओं को दिए जाने वाले तरबूज और खीरे जैसे हाइड्रेटिंग मौसमी फलों की मात्रा गर्मी को देखते हुए बढ़ा दी गई है. आइस पॉप्सिकल्स और जमे हुए फलों के ब्लॉक भालुओं को दिए जा रहे हैं. इस तरह से दिए जाने वाले फल भालुओं में ठंडक बढ़ाने का काम करते हैं. साथ ही पोषण भी देते हैं.

भालुओं को गर्म हवाओं से बचाने के लिए उनके बाड़ों में कूलर और ओवरहेड स्प्रिंकलर लगाए गए हैं. जबकि पानी के पूल गर्मी के दिनों में बहुत राहत दे रहे हैं. गर्मी से तनाव के लक्षण दिखने वाले भालुओं में निर्जलीकरण को रोकने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) भी दिया जा रहा हैः

हाथि‍यों के लिए हैं ये खास इंतजाम 

मथुरा में हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र और हाथी अस्पताल परिसर में सुबह-शाम सामान्य मौसम में हाथी सैर पर जा रहे हैं. सुबह जल्दी और देर शाम हाथि‍यों को दोपहर की गर्मी से बचाते हुए सैर कराई जा रही है. पानी के स्प्रिंकलर, नियमित पूल रखरखाव और अतिरिक्त ओआरएस पाउडर हाथियों को हाइड्रेटेड और आरामदायक बनाए रखने के लिए दिया जा रहा है. दिन में कई बार साफ पीने का पानी दिया जा रहा है. गौरतलब रहे छायादार जगह और मिट्टी के गड्ढे शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.

जानें क्या कहते है सीईओ 

वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण का कहना है, "भारत में गर्मी तेजी से बढ़ रही है. हमारी देखभाल में रहने वाले जानवर भी इंसानों की तरह ही तेज गर्मी का सामना कर रहे हैं. हमारे केन्द्रों की टीमें हर साल इन चुनौतियों का अनुमान लगाते हुए हर उस चीज का इंतजाम करती हैं जो हाथी और भालुओं को स्वस्थ, हाइड्रेटेड और खुश रहने में मदद करती हैं.  

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