Rabies: गाय-भैंस में ये 7 लक्षण दिखें तो भूलकर भी न पिएं दूध, हो सकता है रेबीज Rabies: गाय-भैंस में ये 7 लक्षण दिखें तो भूलकर भी न पिएं दूध, हो सकता है रेबीज
Rabies Disease रेबीज पीडि़त पशु अगर किसी दूसरे पशु या किसी इंसान को काट लेता है तो वो भी रेबीज पीडि़त हो जाता है. और जब उस रेबीज पीडि़त पशु यानि गाय-भैंस का दूध इस्तेमाल किया जाता है तो पीने वाला भी रेबीज की चपेट में आ जाता है. इसलिए कुत्ते ही नहीं गाय-भैंस में रेबीज के लक्षणों की जानकारी होना बहुत जरूरी है.
नासिर हुसैन - New Delhi,
- Jul 08, 2026,
- Updated Jul 08, 2026, 1:33 PM IST
बाजार का सिस्टम देखें तो सबसे ज्यादा पैक्ड दूध बिकता है. कई छोटी-बड़ी ऐसी डेयरियां हैं जो अलग-अलग साइज में दूध के पाउच बाजार में बेचती हैं. लेकिन एक वर्ग ऐसा भी है जो सीधे दूध वाले के बाड़े पर जाकर दूध खरीदता है. ये वर्ग अपने सामने गाय-भैंस का दूध निकलवाता है. अगर आप दूध देने वाली गाय-भैंस पर नजर रखते हैं तो अलर्ट हो जाएं. गाय-भैंस में आपको अगर कुछ खास लक्षण दिखाई दें तो फौरन दूध पीना कर दें. एनिमल एक्सपर्ट ने ऐसे सात लक्षणों का जिक्र किया है.
ये रेबीज से जुड़े लक्षण हो सकते हैं. हालांकि गाय-भैंस को सीधे रेबीज नहीं होता है. लेकिन, अगर रेबीज से पीडि़त कुत्ता गाय-भैंस को काट ले तो रेबीज हो जाता है. वहीं जहां गाय-भैंस पल रहे हैं और उस जगह कोई कुत्ता रहता है तो उस पर भी नजर रखें. अगर कुत्ते में कुछ खास 12 तरह के लक्षण दिखाई दें तो समझ जाएं कि वो रेबीज से पीडि़त है. गौरतलब रहे किसी भी स्तनधारी पशु रेबीज से पीडि़त हो सकता है.
ये 7 लक्षण दिखें तो गाय-भैंस को रेबीज है
- अचानक से दूध उत्पादन कम हो जाना.
- बहुत ज्यादा मात्रा में मुंह से लार टपकना या झाग आना.
- पानी हो या चारा निगलने में गाय-भैंस को परेशानी होती है.
- गाय-भैंस जोर-जोर से अजीब तरीके की आवाजें निकलती हैं.
- उत्तेजित दिखना, चिड़चिड़ी हो जाना, किसी पर भी हमला करना.
- गाय-भैंस के पीछे के पैरों में कमजोरी और लकवा जैसा दिखना.
- लक्षण दिखने के कुछ दिन बाद ही गाय-भैंस की मौत हो जाती है.
कुत्तों में रेबीज के 12 लक्षण ये हैं
- व्यवहार बदल जाता है. उत्तेजित और चिढ़चिढ़े हो जाते हैं.
- लगातार मुंह से लार या पानी और झाग निकलना.
- कुछ भी खाने-पीने की चीजों को निगलने में परेशानी होती है.
- भूख कम हो जाती है और खाना-पीना छोड़ देता है.
- बैचेनी और घबराहट होती है, इसलिए शांत नहीं बैठता है.
- तेज आवाज में भौंकना, चिल्लाना और हुआं-हुआं की आवाज निकालना.
- इंसान और पशु ही नहीं किसी भी तरह के सामान को काटने की कोशिश करना.
- कमजोरी होना और चलने के दौरान लड़खड़ाना दिखने लगता है.
- अटैक पड़ने लगता है और पीछे के दोनों पैर धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं.
- रेबीज पीडि़त कुत्ते को दौरे पड़ने लगते हैं, कभी-कभी झटके महसूस होते हैं.
- ज्यादातर समय बेहोश रहना या कोमा में चले जाना.
- ये लक्षण अगर दिख रहे हैं तो ऐसे कुत्तों की 2 से 7 दिनों के अंदर मौत हो जाती है.
रेबीज से जुड़ी कुछ खास बातें
- एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि रेबीज से बिल्ली, बकरी, भेड़, घोड़ा समेत दूसरे पशु भी पीडि़त हो सकते हैं.
- पीडि़त पशु को अलग रखें और दूसरे पशुओं और इंसानों के संपर्क में न आने दें.
- सभी पालतू पशुओं को समय पर रेबीज का टीका जरूर लगवाएं.
- आवारा, अज्ञात और बीमार पशुओं के संपर्क से दूर रहें.
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