Calf Care in Monsoon: बरसात के दौरान जल्दी बीमार पड़ते हैं बछड़े, ऐसे करें देखभाल Calf Care in Monsoon: बरसात के दौरान जल्दी बीमार पड़ते हैं बछड़े, ऐसे करें देखभाल
Calf Care in Monsoon अगर मौसम के चलते पशु किसी भी तरह के तनाव में आता है तो मान लिजिए कि उसकी ग्रोथ और उत्पादन का प्रभावित होना तय है. फिर चाहें आप पशु को हरा चारा, सूखा चारा और मिनरल मिक्चर मिलाकर कितनी भी अच्छी खुराक बना लें, लेकिन अगर वो तनाव में है तो उसे किसी भी तरह की खुराक से कोई फायदा नहीं होगा.
नासिर हुसैन - New Delhi,
- Jul 04, 2026,
- Updated Jul 04, 2026, 9:25 PM IST
पशुपालन में बछड़ों को बड़े मुनाफे के तौर पर देखा जाता है. क्योंकि वो बछड़े ही होते हैं जो पशुओं के बाड़े में संख्या बढ़ाते हैं. लेकिन बछड़ों को पालना इतना आसान नहीं होता है. लेकिन पशुपालन में साइंटीफिक तरीका अपनाया जाए तो बछड़ों को पालना कोई मुश्किल काम भी नहीं है. साइंटीफिक तरीका अपनाने पर न तो बरसात का मौसम नुकसान पहुंचाता है और न ही सर्दियों का. बस जरूरत इस बात की है कि साइंटीफिक तरीके साथ-साथ बछड़ों की ठीक तरह से देखभाल की जाए.
मौसम गर्मी-सर्दियों का हो या फिर मॉनसून का एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक पशुओं की खुराक से लेकर पीने के पानी तक का खास ख्याल रखना बहुत जरूरी है. क्योंकि ठीक तरह से की गई देखभाल से ही पशुओं की ग्रोथ होती है और बड़े पशुओं का उत्पादन बढ़ता है. इतना ही नहीं देखभाल के चलते ही पशु तमाम तरह की छोटी-बड़ी बीमारियों से भी बचे रहते हैं.
बरसात में ऐसे करें बछड़ों की देखभाल
- बरसात के दिनों में बछड़ों को बाहर नहीं जाने दें.
- बछड़ों में बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं होती है.
- बछड़ों के शरीर में पानी की मात्रा अधिक होती है.
- बरसात के मौसम में शरीर का पानी ठंड से तनाव बढ़ा देता है.
- बारिश के दौरान बछड़ों को उचित गर्मी दी जानी चाहिए.
- बछड़ों को गर्मी देने और ठंड से बचाने के लिए कपड़े पहनाएं.
- बछड़ों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दूध पिलाया जाना चाहिए.
- तीन महीने से ज्यादा उम्र के बछड़ों को कृमिनाशक दवा खिलाएं.
- छह महीने से ज्यादा उम्र के बछड़ों को बीक्यू और एचएस का टीका लगवाएं.
बछड़ों के शेड में करें ये बदलाव
- पशु शेड की छत मजबूत हो और पानी का रिसाव नहीं हो रहा हो.
- हरा चारा खिलाने से पहले काटकर धूप में सुखाना चाहिए.
- मॉनसून में पशुओं को खिलाने के लिए फीड ब्लॉक बेहतर उपाय है.
- पशु शेड के पास सभी झाड़ियों और पौधों को काटकर साफ कर देना चाहिए.
- घावों या कटी हुई चोटों को लोशन से धोने के साथ ही उन पर मलहम लगाना चाहिए.
- पशु फार्म को बैक्टीरिया रहित बनाने के लिए कीटाणुनाशक दवाईयों का इस्तेमाल करें.
- चारा और उससे जुड़ी चीजों को बारिश या नमी से बचाकर सूखी जगह रखना चाहिए.
- बरसात के दौरान पशुओं को खुले मैदान और खेत में नहीं चराना चाहिए.
- मॉनसून के मौसम का चारा हो या घास उसमे पानी की मात्रा ज्यादा होती है.
- बछड़ों के पीने के लिए साफ, पीने योग्य और ताजा पानी होना चाहिए.
- बछड़ों को खेत में जमा लाल पानी या कीचड़ वाला पानी नहीं पीने देना चाहिए.
- प्रदूषित पानी पीने से पशुओं को सर्दी, दस्त, ब्लैक क्वार्टर समेत कई बीमारी हो सकती हैं.
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