गाय-भैंस में होने वाली जानलेवा बीमारी खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) को लेकर सरकार गंभीर है. इसी के चलते एफएमडी के खिलाफ युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. हाल ही में इस टीकाकरण अभियान में सरकार को एक बड़ी कामयाबी मिली है. इसी को देखते हुए जल्द ही सरकार एफएमडी के खिलाफ पोलियो अभियान की तर्ज पर टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है. यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार सिंह ने दी है. उनका कहना है कि तीसरे चरण से इसकी शुरुआत हो जाएगी.
मालूम हो कि अभियान के दूसरे चरण में करीब 24 करोड़ पशुओं को एफएमडी का टीका लग चुका है. मंत्रालय के अनुसार यूपी और चंडीगढ़ में एफएमडी के खिलाफ 100 फीसद टीकाकरण हो चुका है. यूपी की बात करें तो यहां गाय-भैंस की संख्या करीब 4.69 करोड़ हैं. यूपी में सभी पशुओं का टीकाकरण हो चुका है. वहीं चंडीगढ़ में 18900 गाय-भैंस हैं. संख्या के आधार पर सभी को एफएमडी का टीका लगा दिया गया है.
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मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार सिंह ने पोलियो अभियान की तरह पशुओं का खुरपका-मुंहपका टीकाकरण होगा. उन्होंने बताया कि एफएमडी के टीके की इम्यूनिटी छह महीने तक रहती है, इसलिए हर छह महीने बाद पशुओं को एफएमडी का टीका लगाया जाएगा. पोलियो अभियान की तरह से पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा. इस अभियान के तहत हर एक पशु पालक तक पहुंचकर उसके पशु को टीका लगाया जाएगा क्योंकि सरकार की कोशिश यह है कि वर्ल्ड लेवल पर देश को एफएमडी फ्री घोषित करवाया जा सके. इससे कारोबार में भी मदद मिलेगी.
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राजेश कुमार सिंह ने बताया कि साल 2020-21 में 16.91 करोड़ पशुओं का ही टीकाकरण हो पाया था. अभियान के बीच में ही कुछ तकनीकी कमी के चलते टीकाकरण कमजोर पड़ गया था, लेकिन टीकाकरण के दूसरे चरण में ज्यादातर राज्यों ने खूब उत्साह दिखाया है. अगर हम दूसरे चरण की बात करें तो 25.01 करोड़ पशुओं में से 23.96 गाय-भैंस का एफएमडी का टीकाकरण हो चुका है. यह आंकड़ा करीब 94 फीसद है. अच्छी बात यह है कि दक्षिण के ज्या़दातर राज्यों समेत 24 राज्यों ने तो दूसरे चरण का लक्ष्य कई महीने पहले ही पूरा कर लिया था. ऐसे राज्यों में अब तीसरा चरण शुरू हो चुका है. जल्दे ही बाकी बचे राज्यों में भी तीसरा चरण शुरू हो जाएगा.
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