Animal Care in Winter: सर्दियों के मौसम में हर एक पशु को चाहिए ऐसी देखभाल और खुराक, पढ़ें डिटेल 

Animal Care in Winter: सर्दियों के मौसम में हर एक पशु को चाहिए ऐसी देखभाल और खुराक, पढ़ें डिटेल 

Animal Care in Winter लुसर्न और बरसीम जैसी चारे की फसलों को 25 दिन के अंतराल पर सिंचाई की ज़रूरत होती है, जबकि जई चारे के लिए यह 21 दिन है. ऐसा करने पर ही जानवरों को नियमित रूप से हरा चारा मिलेगा. क्योंकि ठंड में खास देखभाल के साथ ही अच्छी और गर्मी पैदा करने वाली खुराक की जरूरत होती है. 

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Animal Care in Winter: सर्दियों के मौसम में हर एक पशु को चाहिए ऐसी देखभाल और खुराक, पढ़ें डिटेल 

सभी तरह के पालतू पशुओं को जहां ठंड से बचाना एक बड़ी चुनौती होती है, वहीं ऐसे वक्त में बीमारियों को कंट्रोल करना भी एक बड़ी चुनौती होती है. जैसे भेड़-बकरियों की बात करें तो पैर और मुंह की बीमारी पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स (PPR) जिसे 'बकरी प्लेग' भी कहा जाता है, यह बकरियों और भेड़ों की एक वायरल बीमारी है. साथ ही हेमरेजिक सेप्टीसीमिया, एंटरोटॉक्सिमिया और ब्लैक क्वार्टर जैसी बीमारियां भी ठंड के मौसम में बहुत परेशान करती हैं. इन्हें कंट्रोल करने के लिए जरूरी है कि पशुओं का वकत पर वैक्सीनेशन करवाना चाहिए. 

एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक सर्दियों में इन्फेक्शन ज़्यादातर बच्चों और मेमनों को प्रभावित करता है. इतना ही नहीं मौसम के मुताबिक पशुओं की खुराक भी तय की जाती है. क्योंकि कई तरह के हरे चारे के साथ ही मिनरल्स भी पशुओं में गर्मी पैदा करते हैं. जैसे ठंड के मौसम में पक्षि‍यों को बीजों का मिश्रण खिलाना चाहिए. इस मिश्रण में सूरजमुखी के बीज जरूर शामिल करने चाहिए जिससे पक्षि‍यों को ज़्यादा कैलोरी मिल सके.

गाय-भैंस, कुत्ता-बिल्ली की खुराक के टिप्स 

  • खुराक में दूध की जगह कुछ और भी खाने को दिया जा सकता है. 
  • लेकिन खि‍लाई जा रही दूसरी चीज में कम से कम 20 फीसद फैट होना चाहिए. 
  • दूध की जगह दी जाने वाली चीज के लिक्विड में सॉलिड की मात्रा 12.5 से 16.0 फीसद होनी चाहिए. 
  • हाइपोथर्मिया नवजात जानवरों में होने वाली एक बड़ी समस्या है.
  • हाइपोथर्मिया से निपटने के लिए पशुओं के रहने, खाने, पानी का खास ध्यान रखें.  
  • ठंड में पशुओं को पीने के लिए गुनगुना पानी और खाना दें. 
  • दूध देने वाले जानवरों को तेल की खली और गुड़ खिलाना चाहिए. 
  • गुड़ और खल का मिश्रण पेट दर्द और कब्ज को रोकने में मदद करता है. 
  • बार-बार पशुओं के खाने का समय नहीं बदलना चाहिए. 
  • 12 महीने होने वाली घास को ठीक से स्टोर करके रखना चाहिए. 
  • हरा चारा सीमित मात्रा में देना चाहिए क्योंकि इससे डायरिया हो सकता है.
  • पशुओं को ज्यादा नमी वाला हरा चारा धूप लगाकर खि‍लाना चाहिए. 

ठंड में पशु-पक्षि‍यों की ऐसे करें देखभाल 

  • पशु-पक्षी गीले हो जाएं तो मेंटेनेंस की जरूरत बढ़ जाती है.
  • पशुओं के लिए सामान्य तौर पर पर्यावरणीय तापमान करीब 32°F चाहिए होता है. 
  • अगर किसी वजह से पशु गीला हो जाए तो उसे 60°F तापमान चाहिए होता है. 
  • पशु-पक्षि‍यों का आवास और शेल्टर में पानी की निकासी अच्छी होनी चाहिए. 
  • पशु-पक्षि‍यों को आमतौर पर, घर के अंदर खाना खिलाने की सलाह नहीं दी जाती है. 
  • लेकिन अमोनिया की गंध के कारण ऐसा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए. 
  • बाहर खाना खिलाना पूरी तरह से आरामदायक और साफ-सुथरी गतिविधि है. 
  • स्ट्रेस बढ़ाने वाली वैक्सीनेशन और डीहॉर्निंग एक्टिविटीज़ को कम करना चाहिए.
  • कीड़े मारने के लिए पाइपरजीन नियमित रूप से देना चाहिए. 
  • जानवरों के शेड को साफ रखकर बाहरी परजीवियों से बचा जा सकता है. 
  • बाहरी परजीवियों भगाने को शेड में लेमनग्रास, तुलसी और निर्गुंडी टांगी जा सकती हैं. 
  • आमतौर पर नीम के तेल वाले डिसइंफेक्टेंट बहुत काम आते हैं. 
  • एंटी-पैरासिटिकल दवाएं फार्म में स्वास्थ्य और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करती हैं.

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