Fish Farming: नई तकनीक का कमाल, तेलंगाना में अब ट्राउट मछली की खेती संभव

Fish Farming: नई तकनीक का कमाल, तेलंगाना में अब ट्राउट मछली की खेती संभव

तेलंगाना जैसे गर्म राज्य में अब ठंडे पानी की ट्राउट मछली की खेती संभव हो गई है. स्मार्टग्रीन एक्वाकल्चर ने नई RAS तकनीक से देश का पहला इनलैंड ट्राउट फार्म शुरू किया है, जिससे ताजी और गुणवत्तापूर्ण मछली सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगी.

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Fish Farming: नई तकनीक का कमाल, तेलंगाना में अब ट्राउट मछली की खेती संभवअब गर्म जमीन पर भी उगेगी ट्राउट मछली

भारत के तेलंगाना राज्य में एक बहुत ही नई और अनोखी शुरुआत हुई है. यहां अब ठंडे पानी में रहने वाली मछली ट्राउट की खेती शुरू की गई है. यह काम स्मार्टग्रीन एक्वाकल्चर (SGA) नाम की कंपनी ने किया है. यह फार्म तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कंदुकुर मंडल में बनाया गया है. खास बात यह है कि तेलंगाना गर्म इलाका है, फिर भी यहां ठंडे पानी की मछली पाली जा रही है.

ट्राउट मछली क्या होती है

ट्राउट एक बहुत स्वादिष्ट मछली होती है. यह सैलमन परिवार की मछली है. लोग इसे खाने के लिए बहुत पसंद करते हैं. भारत में अभी ट्राउट मछली बहुत कम मात्रा में पैदा होती है. अभी देश में इसकी पैदावार करीब 4,440 टन ही है.

कैसे संभव हुई गर्म जगह में ठंडी मछली की खेती

SGA ने एक खास तकनीक का इस्तेमाल किया है, जिसे रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) कहते हैं. इसमें पानी को बार-बार साफ करके फिर से इस्तेमाल किया जाता है. इस तकनीक से पानी ठंडा और साफ रखा जाता है. इससे मछलियाँ पूरे साल आराम से रह सकती हैं, चाहे बाहर मौसम कैसा भी हो.

फार्म की खास बातें

यह फार्म करीब 6 मिलियन डॉलर की लागत से बनाया गया है. यहाँ हर साल 1,200 टन ट्राउट मछली पैदा की जा सकती है. इस जगह पर:

  • मछलियों के बच्चे तैयार करने की इकाई है
  • बंद कमरे में मछली पालने की व्यवस्था है
  • मछली को साफ करने और पैक करने की सुविधा है
  • ठंडा रखने की मशीनें हैं
  • ऑनलाइन स्टोर भी है, जिससे लोग सीधे मछली मंगा सकते हैं

नेताओं ने किया उद्घाटन

इस परियोजना का उद्घाटन भारत सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह ने किया. उन्होंने कहा कि यह फार्म देश के लिए बहुत फायदेमंद है. इससे नई तकनीक आएगी और मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा.

कंपनी का क्या कहना है

SGA के संस्थापक आदित्य ऋत्विक नर्रा ने कहा कि पहले ट्राउट की खेती सिर्फ ठंडी जगहों तक सीमित थी. लेकिन अब नई तकनीक से इसे देश के दूसरे हिस्सों में भी उगाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इससे विदेशों से मछली मंगाने की जरूरत कम होगी और लोगों को ताजी मछली मिलेगी.
लोगों को क्या फायदा होगा

इस फार्म से:

  • लोगों को ताजी और अच्छी मछली मिलेगी
  • होटल और बाजारों को फायदा होगा
  • नए रोजगार बनेंगे
  • देश में मछली पालन आगे बढ़ेगा

तेलंगाना में ट्राउट मछली की खेती एक बड़ा और अच्छा कदम है. यह दिखाता है कि नई तकनीक से कुछ भी संभव है. अब गर्म जगहों पर भी ठंडे पानी की मछली उगाई जा सकती है. इससे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को अच्छा और पौष्टिक खाना मिलेगा.

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