Tips for Animal Shed: सर्दियों में गाय-भैंस का दूध बढ़ाना है तो गडवासु एक्सपर्ट के 18 टिप्स पर करें काम 

Tips for Animal Shed: सर्दियों में गाय-भैंस का दूध बढ़ाना है तो गडवासु एक्सपर्ट के 18 टिप्स पर करें काम 

Tips for Animal Shed पशुओं को सबसे ज्यादा ठंड बाड़े में परेशान करती है. अगर पशुओं को एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक खुराक दी जाए तो उन्हें ठंड कम लगेगी. वहीं अगर मालि‍श से लेकर दूसरी तरह की देखभाल अच्छी तरह से कर ली जाए तो पशुओं का उत्पादन कम नहीं होगा. यहां एक्सपर्ट कुछ ऐसे ही टिप्स दे रहे हैं.

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Tips for Animal Shed: सर्दियों में गाय-भैंस का दूध बढ़ाना है तो गडवासु एक्सपर्ट के 18 टिप्स पर करें काम 

स‍र्दी शुरू होते ही दूध देने वाले पशु गाय-भैंस और भेड़-बकरी सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. सर्दी की चपेट में आते ही पशुओं का दूध उत्पादन कम हो जाता है. जबकि पशुपालकों की कोशि‍श होती है कि उसका पशु ज्यादा से ज्यादा दूध दे. इसी को देखते हुए गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधि‍याना में पशुधन उत्पादन प्रबंधन विभाग के एचओडी डॉ. यशपाल सिंह का कहना है कि अगर सर्दियां शुरू होते ही हम पशुओं के शेड में कुछ अलग-अलग तरह के बदलाव कर लें तो गाय-भैंस का दूध उत्पादन घटने के बजाए और बढ़ जाएगा. 

क्योंकि मौसम में बदलाव के साथ ही पशुओं के शेड से सबसे ज्यादा परेशानियां शुरू होती हैं. और मौसम के असर से सबसे ज्यादा और पहले शेड ही प्रभावित होता है. अगर मौसम के मुताबिक शेड में किए जाने वाले बदलावों पर  खास ध्यान दिया जाए तो सर्दियों में पशुओं का उत्पादन कम नहीं होगा. अभी जैसे खासतौर से उत्तर भारत में ठंड ज्यादा पड़ रही है तो जरूरी है कि एनिमल शेड से लेकर पशुओं की खुराक और उनकी देखभाल में लापरवाही न बरती जाए. 

सर्दियों में ऐसा होना चाहिए शेड 

एचओडी डॉ. यशपाल सिंह का कहना है, 

  • पशुओं के शेड (बाड़े) में हवा के बहाव को रोकने के लिए पर्दे लगाने चाहिए. 
  • पर्दे तिरपाल, बांस, सूखी घास, धान की पुआल, बोरी, जूट आदि से बनवा कर लगवाए जा सकते हैं. 
  • शेड के चारों ओर लगे छायादार पेड़ों की छंटाई करनी चाहिए. 
  • पेड़ों की छंटाई शेड में सीधे तौर पर सूरज की रोशनी आ सके इसलिए की जाती है. 
  • धूप आने से गर्मी मिलेगी और अल्ट्रावायलेट किरणों से जानवरों के बाड़े कीटाणु रहित भी हो जाएंगे.
  • जानवरों को दिन के समय खुले बाड़ों में सीधे धूप में रहने देना चाहिए. 
  • जानवरों का शेड और शेड का फर्श ज़्यादा समय तक गीला और ठंडा नहीं रहना चाहिए. 
  • गीले और ठंडे फर्श से जानवरों, खासकर छोटे जानवरों को बीमारियां लग जाती है. 
  • सर्दी में निमोनिया, बुखार, कोक्सीडियोसिस, दस्त जैसी कई बीमारियां होना आम है. 
  • सर्दी के मौसम में इन बीमारियों के चलते पशुओं की मौत भी हो जाती है. 
  • पशुओं को ठंड से बचाने के लिए पक्के (कंक्रीट) फर्श पर बिस्तर बिछाना चाहिए.  
  • बड़े पशुओं के लिए 4-6 इंच और छोटे पशु के लिए 2 इंच की गहराई वाला बिस्तर बिछाना चाहिए.
  • जानवरों के ठंडे फर्श के सीधे संपर्क में आने से कंडक्शन के जरिए शरीर की गर्मी खत्म होती है.
  • बिस्तर के लिए धान की पुआल, सूखी घास, गेहूं का भूसा, लकड़ी का बुरादा, चावल का छिलका इस्तेमाल करें. 
  • ठंड में इन्सुलेशन और गर्मी के लिए बोरी से बने कपड़े भी बड़े जानवरों को पहनाए जा सकते हैं. 
  • शेड में अच्छी वेंटिलेशन सुविधा सुनिश्चित करनी चाहिए. 
  • शेड में अमोनिया गैसों का जमाव कम से कम होना चाहिए. 
  • गैसों का जमाव कम करने के लिए शेड को दिन में दो बार साफ करना चाहिए.

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