केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाहतेलंगाना में डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने की तैयारी है. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह 4 अक्टूबर को राज्य के मेडक जिले में साबर डेयरी प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे. इसके साथ ही वह तेलंगाना में अमूल की ओर से तैयार किए गए पहले आधुनिक डेयरी प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे. इस प्रोजेक्ट से राज्य में दूध उत्पादन, दूध की प्रोसेसिंग और डेयरी से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा. केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि इन डेयरी प्रोजेक्ट्स से तेलंगाना के डेयरी सेक्टर को मजबूती मिल सकती है.
मेडक जिले के तूप्रान में तैयार किए गए अमूल के आधुनिक डेयरी प्लांट में रोजाना करीब 5 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग करने की क्षमता बताई गई है. यहां दूध से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे. इनमें दही, छाछ, लस्सी, पनीर, आइसक्रीम, मिठाई, बेकरी उत्पाद और घी जैसे उत्पाद शामिल हैं. दूध की प्रोसेसिंग स्थानीय स्तर पर होने से किसानों को अपनी उपज के लिए एक संगठित बाजार मिलने में मदद मिल सकती है. साथ ही दूध से वैल्यू एडेड प्रोडक्ट तैयार होने से डेयरी कारोबार का दायरा भी बढ़ सकता है.
डेयरी सेक्टर में किसान सिर्फ दूध उत्पादन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि दूध की खरीद, संग्रह, प्रोसेसिंग और बाजार तक पहुंच भी महत्वपूर्ण होती है. आधुनिक डेयरी प्लांट और सहकारी व्यवस्था के जरिए इन गतिविधियों को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा सकती है. किशन रेड्डी के मुताबिक, साबर डेयरी और अमूल के प्रोजेक्ट तेलंगाना में डेयरी इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद करेंगे. इससे दूध उत्पादन से जुड़े किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी कारोबार को नए अवसर मिलने की उम्मीद है.
किशन रेड्डी ने कृषि क्षेत्र के लिए नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी NCDC से मिली सहायता की जानकारी भी दी. उनके मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में NCDC ने तेलंगाना के लिए करीब 1.16 लाख करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. उन्होंने बताया कि 2025-26 के खरीफ और रबी सीजन में धान खरीद के लिए 37 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए. वहीं, 2026-27 के रबी सीजन के लिए 22,700 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. किशन रेड्डी के अनुसार, धान की खरीद के लिए अब तक करीब 60 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं.
सरकार की ओर से सहकारी क्षेत्र को कृषि और डेयरी से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. बड़े डेयरी प्लांट, दूध की प्रोसेसिंग और सहकारी समितियों के विस्तार से किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार से जुड़ने का अवसर मिल सकता है. तेलंगाना में अमूल के आधुनिक डेयरी प्लांट और साबर डेयरी प्रोजेक्ट को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में डेयरी उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ाना और किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहकारी व्यवस्था से जोड़ना है. (PTI)
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