योगी सरकार की 'मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' का मिला लाभसरकार ने डेयरी और पशुपालन से जुड़ी एक बड़ी जानकारी संसद में साझा की है. केन्द्र सरकार में केन्द्रीय डेयरी और पशुपालन मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया है कि हमारा देश दूध और दूध से बने उत्पादन के मामलों में दूसरे देशों पर निर्भर नहीं है. इतना ही नहीं हमारे देश में घरेलू बाजार की डिमांड से ज्यादा दूध उत्पादन हो रहा है. इस संबंध में सरकार ने कुछ आंकड़े भी जारी किए हैं. सरकार का ये भी कहना है कि बीते लम्बे वक्त से भारत विश्व दूध उत्पादन की लिस्ट में पहले नंबर पर बना हुआ है.
कई बड़े विकसित देश दूध उत्पादन के मामले में भारत से बहुत पीछे हैं. और ये सब मुमकिन हुआ है राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम), पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी), डेयरी विकास हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीडीडी) और पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (एएचआईडीएफ) जैसी केन्द्रीय योजनाओं के चलते.
हाल ही में आईडीएफ की ओर से वर्ल्ड डेयरी सिचुएशन 2024 रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2023 में भारत में गाय के दूध का उत्पादन 12.9 करोड़ टन हुआ था. हालांकि यूरोपिय यूनियन में 15.4 करोड़ टन गाय के दूध का उत्पादन हुआ है. क्योंकि यूरोपिय यूनियन में 27 देश शामिल हैं तो इसलिए भारत को गाय के दूध के बड़े उत्पादक के रूप में देखा जा रहा है.
वहीं यूएसए में ये आंकड़ा 10 करोड़ टन का है. जबकि चीन में 42 लाख टन गाय के दूध का उत्पादन हुआ है. बेलारूस और पाकिस्तान में दूध उत्पादन का आंकड़ा बहुत छोटा है, लेकिन बढ़ोतरी रेट के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं बांग्लादेश की बढ़ोतरी रेट तो भारत के 7.4 से भी बढ़कर 7.6 है.
भारत 24.78
यूएस 10.24
पाकिस्तान 6.66
चीन 4.59
ब्राजील 3.68
नोट- आंकड़े करोड़ टन में हैं.
चीन 3.63 करोड़
इंडिया 81 लाख
इंडोनेशिया 68.48 लाख
यूएस 64.69 लाख
ब्राजील 37.34
नोट- आंकड़े टन में हैं.
केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मुताबिक देश में गाय-भैंस और भेड़-बकरियों की संख्या करीब 67 करोड़ है. ये वो पशु हैं जो दूध के साथ ही मीट उत्पादन में भी योगदान देते हैं. अगर इसमे से गो-पशुओं की बात करें तो उनकी संख्या 33 करोड़ हैं. पशुओं की ज्यादा संख्या के चलते ही भारत कुल दूध उत्पादन के मामले में नंबर वन है. वहीं आधे से ज्यादा पशु ऐसे हैं जो दूध नहीं देते हैं.
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