प्रतीकात्मक फोटो.लंपी एक के बाद एक तेजी से कई राज्यों में अपने पैर पसार चुकी है. यूपी, राजस्थान और हरियाणा से गायों को लेकर अच्छी खबर नहीं आ रही है. यहां लंपी बीमारी बहुत नुकसान पहुंचा रही है. सीआईआरबी, हिसार के के पूर्व सीनियर साइंटिस्ट डॉ. सज्जन सिंह के मुताबिक गाय लंपी से पीडि़त हो या नहीं, लेकिन उसे नीम और गिलोए के पानी से नहलाकर लंपी से बचाया जा सकता है. वहीं उन्होंने लंपी से बचाव के लिए और भी कई टिप्स दिए हैं. उनका कहना है कि जागरुकता ही लंपी का सबसे बड़ा उपाय है. क्योंकि अभी तक लंपी का कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है. लंपी से बचाव के लिए अभी तक सिर्फ वैक्सीन ही तैयार की गई है.
लंपी एक पशु से दूसरे पशु में होने वाली बीमारी है. मक्खी-मच्छर के चलते ही ये वायरस एक गाय से दूसरी गाय में फैलता है. एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक ये बीमारी पशु शेड में ना फैले इसके लिए भी कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं. साइंटीफिक तरीके से किए गए पशुपालन से इस तरह की बीमारियों को रोका जा सकता है. यही वजह है कि एक्सपर्ट पशु शेड में बायो सिक्योरिटी का पालन करने की सलाह देते हैं.
एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक अपने फार्म की बाड़बंदी करें. जिससे सड़क पर घूमने वाला कोई भी जानवर आपके फार्म में नहीं घुस सकें. अपने फार्म के अंदर और बाहर दवा का छिड़काव कराएं. कुछ दवा फार्म पर भी रखें जिनका इस्तेमाल हाथ साफ करने के लिए हो. हाथ साफ करने के बाद ही पशुओं को हाथ लगाएं. पशु को हाथ लगाने के बाद एक बार फिर से दवाई का इस्तेमाल कर हाथ साफ करें, जिससे पशु की कोई बीमारी आपको न लगे. इतना ही नहीं अगर कोई इंसान बाहर से आपके फार्म में आ रहा है तो उसके जूते बाहर ही उतरवाएं या फिर उन्हें सेनेटाइज करें. हाथ और उनके कपड़ों को भी सेनेटाइज करवाएं. पीपीई किट पहनाकर भी बाहरी इंसान को फार्म के अंदर ले जा सकते हैं.
आज भी बहुत सारे लोग वो ही पुराने ढर्रे पर पशुपालन करते हैं. जबकि आज के बदलते वक्त को देखते हुए ये बहुत ही खतरनाक है. ना सिर्फ इंसानों के लिए बल्कि पुरुषों के लिए भी. आज क्लाइमेट चेंज हर एक चीज पर अपना असर छोड़ रहा है. इसलिए इस सब को देखते हुए सबसे पहले तो हमे करना यह होगा कि हमारे पास गाय-भैंस हो या भेड़-बकरी सभी का पालन साइंटीफिक तरीके से करना होगा. और इसका सबसे बड़ा नियम ये है कि हम अपने पशु फार्म पर बॉयो सिक्योरिटी का पालन करें और हर एक आने-जाने वाले से भी कराएं. पशु शेड में आने वाले वाहनों को भी इसमे शामिल करें.
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