
इस बार अलनीनो को ज्यादा असरदार माना जा रहा है. मतलब उसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. अलनीनो का असर सिर्फ खेती और इंसानों पर ही नहीं होता है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो दुधारू पशु भी अलनीनो की चपेट में आते हैं. इसी को देखते हुए एक्सपर्ट पशुपालकों को ज्यादा अलर्ट रहने की सलाह दे रहे हैं. खासतौर से गायों के संबंध में ज्यादा देखभाल करने की बात कही जा रही है. इसी को देखते हुए एनिमल एक्सपर्ट पशुपालकों को 7 खास टिप्स दे रहे हैं.
खासतौर से ये सभी टिप्स गायों के संबंध में हैं. बारिश में तो पशु परेशान होते ही हैं, लेकिन अलनीनो के प्रभाव में आते ही पशुओं की जान पर बन आती है. अलनीनो के चलते पशुओं को जहां कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वहीं बारिश के दौरान पीने का पानी और हरा चारा तक तक सीधे खाने लायक नहीं रह जाता है.
गर्मी में होने वाली बीमारियों (हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन) पर अलर्ट रहें.
गायों की पशु चिकित्सक से नियमित रूप से जांच करवाते रहें.
गायों को खुराक संग ORS या इलेक्ट्रोलाइट्स पानी में मिलाकर दें.
गौशाला में हवा का अच्छा आवागमन रखें.
गौशाला के फर्श से गोबर और गंदगी साफ करते रहें.
गौशाला में मच्छर, मक्खी और किलनी को नियंत्रित करें.
बायो सिक्योरिटी का पालन करें.
गौशाला के आसपास नीम, पीपल आदि के पेड़ लगाए.
हरियाली होने से तापमान कम और वातावरण ठंडा रहेगा.
गौशाला में पानी और चारे का बैकअप प्लान रखें.
बिजली जाने पर वैकपिक व्यवस्था (जनरेटर आदि) रखें.
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