Animal Care: बरसात में पशुओं की ऐसे की देखभाल तो नहीं होंगे बीमार, न घटेगा दूध 

Animal Care: बरसात में पशुओं की ऐसे की देखभाल तो नहीं होंगे बीमार, न घटेगा दूध 

Animal Care in Monsoon मौसम गर्मी-सर्दियों का हो या फिर मॉनसून का एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक पशुओं की देखभाल बहुत जरूरी है. ऐसा करने से उत्पादन तो बढ़ता ही है, साथ में पशु तमाम तरह की छोटी-बड़ी बीमारियों से भी बचा रहता है. जिससे पशुपालक इलाज के अतिरिक्त खर्चे से बच जाता है और उसकी उत्पादन लागत नहीं बढ़ती है. 

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Animal Care: बरसात में पशुओं की ऐसे की देखभाल तो नहीं होंगे बीमार, न घटेगा दूध 

गाय-भैंस कितना दूध देंगी ये सिर्फ उनको खि‍लाई जाने वाली खुराक ही तय नहीं करती है. पशुओं के दूध उत्पादन पर मौसम का भी बड़ा असर पड़ता है. लेकिन एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो मौसम के हिसाब से अगर पशुओं को चारा, सूखा चारा और मिनरल मिक्चर आदि खुराक में दिया जाए तो पशुओं का दूध उत्पादन कम नहीं होगा. खुराक के साथ ही वितरीत मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए पशुओं की देखभाल भी बहुत जरूरी होती है. क्योंकि किसी भी परेशानी के चलते अगर पशु तनाव में है तो समझ लिजिए कि उसका दूध उत्पादन घटना तय है.

मॉनसून के दौरान खासतौर पर जुलाई-अगस्त में गाय-भैंस बच्चा भी देती हैं, इसलिए ये और भी जरूरी हो जाता है कि हेल्दी बच्चा मिलने के साथ ही भैंस का स्वास्थ्य ठीक रहे. बारिश के दौरान होने वाले प्रसवकाल बहुत जोखि‍म भरे होते हैं. जरा सी भी लापरवाही होने पशु को कई तरह के संक्रमण रोग भी हो सकती हैं. 

बरसात में पशुओं की देखभाल के टिप्स  

  • पशु शेड की छत मजबूत हो और पानी का रिसाव नहीं हो रहा हो. 
  • हरा चारा खिलाने से पहले काटकर धूप में सुखाना चाहिए.
  • मॉनसून में पशुओं को खिलाने के लिए फीड ब्लॉक बेहतर उपाय है.
  • मॉनसून के दौरान पशुओं के पेट में निमेटोड, ट्रेमेटोड और सेस्टोड कीड़े हो जाते हैं. 
  • बारिश की शुरुआत, बीच में और आखि‍र में पशुओं को पेट के कीड़ों की दवाई देनी चाहिए. 
  • पशु शेड के पास सभी झाड़ियों और पौधों को काटकर साफ कर देना चाहिए.
  • घावों या कटी हुई चोटों को लोशन से धोने के साथ ही उन पर मलहम लगाना चाहिए.
  • पशु फार्म को बैक्टीरिया रहित बनाने के लिए कीटाणुनाशक दवाईयों का इस्तेमाल करना चाहिए.
  • चारा और उससे जुड़ी तमाम चीजों को बारिश या नमी से बचाने के लिए सूखी जगह रखना चाहिए.
  • बारिश के मौसम में दूध देने वाले पशुओं को चोट-संक्रमण से बचाना चाहिए.
  • बरसात के मौसम में पशुओं का टीकाकरण कराया जाना चाहिए
  • बरसात के दौरान पशुओं को खुले मैदान और खेत में नहीं चारा चाहिए. 
  • मॉनसून के मौसम का चारा हो या घास उसमे पानी की मात्रा ज्यादा होती है. 
  • पशुओं के पीने के लिए साफ, पीने योग्य और ताजा पानी होना चाहिए.
  • पशुओं को अधिक दूध देने वाले हरे चारे के साथ सूखा चारा भी दिया जाना चाहिए. 
  • पशुओं को खेत में जमा लाल पानी या कीचड़ वाला पानी नहीं पीने देना चाहिए.
  • प्रदूषि‍त पानी पीने से पशुओं को सर्दी, दस्त, ब्लैक क्वार्टर समेत कई बीमारी हो सकती हैं. 

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