Animal Care and EL-Nino: गाय-भैंस को अल नीनो के असर से बचाएंगे एक्सपर्ट के बताए ये 17 टिप्स

Animal Care and EL-Nino: गाय-भैंस को अल नीनो के असर से बचाएंगे एक्सपर्ट के बताए ये 17 टिप्स

Animal Care and EL-Nino एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर वक्त रहते कुछ जरूरी उपाय कर लें तो पशुपालक परेशानी और आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं. इसके साथ ही पशु भी हेल्दी रहेंगे. अगर नुकसान की बात करें तो कम दूध देने की हालत में भी पशु चारा सामान्य दिनों के जितना ही खाता है. जबकि दूध उत्पादन ना के बराबर रह जाता है. 

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Animal Care and EL-Nino: गाय-भैंस को अल नीनो के असर से बचाएंगे एक्सपर्ट के बताए ये 17 टिप्स

अल नीनो का असर दिखाई देने लगा है. अगर बीते 10 दिन की ही बात करें तो गर्मी की तेज तपिश महसूस होने लगी है. बारिश भी कम हो रही है. एक्सपर्ट की मानें तो 40 से 50 फीसद तक बारिश कम हुई है. अगर गाय-भैंस के लिहाज से बात करें तो इस तरह का मौसम बीमारियों को जन्म देता है. साथ ही हरे चारे की कमी भी सामने आने लगती है. वहीं इस सब के चलते पशुओं का दूध उत्पादन भी घट जाता है. लेकिन, अगर खासतौर से दोपहर के वक्त पशुओं की अच्छी तरह से देखभाल की जाए तो वितरीत मौसम के चलते होने वाले नुकसान से पशुओं को बचाया जा सकता है. 

जिसमे बदलते मौसम के हिसाब से पशुओं के शेड में बदलाव करना. पीने के पानी और चारे में भी मौसम के हिसाब से बदलाव करना होता है. इतना ही नहीं पशु को शेड से कब बाहर ले जाना है या फिर कब से कब तक शेड में ही रखना इसका पालन भी एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक ही करना चाहिए. इस संबंध में एक्सपर्ट ने पशुपालकों के लिए 17 टिप्स जारी किए हैं.

अल नीनो से पशुओं को बचाएंगे ये टिप्स 

  • पशु को दोपहर के वक्ते सीधे तौर पर तेज धूप से बचाएं. 
  • खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीके लगवाएं.
  • डॉक्टर की सलाह पर पशु पेट के कीड़ों की दवाई खिलाएं.
  • गेहूं के भूसे की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए उसमे यूरिया मिलाएं. 
  • पशु का दूध निकालने के बाद पशु के थन कीटाणु नाशक घोल में डुबोकर साफ करें.
  • दुधारू पशुओं को थैनेला रोग से बचाने के लिए डाक्टर की सलाह लें. 
  • पशुओं को साफ और ताजा पानी पिलाएं, ठंडा पानी ना दें.
  • सुबह-शाम को पशु को ताजा पानी से नहला दें. 
  • पशुओं का बाड़ा हवादार होना चाहिए.
  • बाड़े में रेत-मिट्टी का कच्चा फर्श हो. 
  • बाड़े में सीलन नहीं होनी चाहिए. 
  • गाय-भैंस के हीट में आने पर वक्त रहते गाभिन कराएं. 
  • सुबह-शाम गर्भवती और बीमार पशु को टहलाने ले जाएं.
  • बछड़े को बैल बनाने के लिए छह महीने की उम्र पर बधिया करा दें.
  • पशुओं को अफरा होने पर 500 ग्राम सरसों तेल के साथ 50 ग्राम तारपीन का तेल दें.
  • पशु की सेहत और दूध बढ़ाने के लिए 50-60 ग्राम मिनरल मिक्चर दें. 
  • हरे चारे की कमी दूर करने को गेहूं कटते ही ज्वार, मक्का, लोबिया की बुआई करें.

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