घी को सरकार ने 12% के जीएसटी स्लैब में रखा (Photo:Pixabay)कुछ खास डेयरी प्रोडक्ट का एक अलग ही बाजार तैयार हो गया है. और ये बाजार है आनलाइन प्लेटफार्म. अगर आपके पास दूध-दही, घी है और वो भी ऑर्गेनिक तो फिर उसे बेचने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी. अच्छे मुनाफे के साथ वो फटाफट बिक जाएगा. और अगर हम सोशल मीडिया पर भी नजर डालें तो ऑर्गेनिक प्रोडक्ट को लेकर एक अलग तरह की जंग छिड़ी हुई है. डेयरी में तो A1 और A2 का दावा करते हुए भी मुंह मांगे दाम पर प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं. और साथ में जब प्रोडक्ट को ऑर्गेनिक बताते हैं तो ये दाम और बढ़ जाते हैं. लेकिन ऑर्गेनिक दूध और डेयरी प्रोडक्ट तैयार कैसे होते हैं.
कैसे हम अपने डेयरी प्रोडक्ट पर दावा कर सकते हैं कि ये ऑर्गेनिक हैं. राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (एनसीओएनएफ) और नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग ने दूध को ऑर्गेनिक होने का प्रमाण पत्र देने की योजना शुरू की है. एनसीओएनएफ के मुताबिक गाय-भैंस और बकरी समेत ऊंट को भी ऑर्गनिक दूध का सर्टिफिकेट दिया जाएगा. अगर पशु पालक संस्थान के बताए नियमों का पालन करेगा तभी उसे सर्टिफिकेट मिलेगा.
डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि लम्बे वक्त से ऑर्गनिक चारे पर काम चल रहा है. लेकिन चारा ऑर्गेनिक है या नहीं इसके लिए सर्टिफिकेट लेना होता है. लेकिन सिर्फ ऑर्गेनिक हरा चारा खिलाने से ही ही दूध ऑर्गेनिक नहीं हो जाता है. इसके लिए और दूसरे नियमों का भी पालन करना होता है.
डेयरी और फीड एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि ऑर्गेनिक दूध के मामले में ऐसा भी नहीं है कि आज से आपने पशुओं को ऑर्गनिक चारा देना शुरू किया तो वो कल से ऑर्गनिक दूध देना शुरू कर देंगे. इसके लिए भी नियमानुसार पशुओं के हिसाब से दिन तय किए जाते हैं.
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