बर्फबारी का असर: उत्तराखंड के किसानों पर मौसम की मार, केदारनाथ के लिए भी रजिस्ट्रेशन बंद

बर्फबारी का असर: उत्तराखंड के किसानों पर मौसम की मार, केदारनाथ के लिए भी रजिस्ट्रेशन बंद

अगर बारिश की बात की जाए तो चौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में बारिश देखने को मिल रही है. इसके साथ ही चारधाम की अगर हम बात करें तो दोपहर बाद चारधामों में मौसम बदलने लगता है. इसी के साथ बर्फबारी से भी परेशानी बढ़ी है.

बर्फबारी से केदारनाथ यात्रा में यात्रियों को हो रही परेशानीबर्फबारी से केदारनाथ यात्रा में यात्रियों को हो रही परेशानी
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 09, 2023,
  • Updated May 09, 2023, 7:48 PM IST

उत्तराखंड में मौसम लगातार बदल रहा है. अगर हम चारधाम की बात करें तो पिछले कुछ समय से लगातार बर्फबारी की जद में है. भारी बर्फबारी के चलते यात्रियों और प्रशासन को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. वहीं केदारनाथ के लिए 15 मई तक रजिस्ट्रेशन रोक दिए गए हैं. मौसम विभाग के निदेशक ने कहा कि अगले कुछ दिनों में तापमान बढ़ेगा और मौसम साफ होने लगेगा. इसी तरह लगभग 12 तारीख तक तापमान सामान्य होता जाएगा. उत्तराखंड के सभी ऊपरी इलाकों में बर्फबारी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. किसानों की फसलें भी चौपट हो रही हैं क्योंकि अभी गर्मी की सीजन है, लेकिन उसके विपरीत पूरे इलाके में ठंड बढ़ गई है. मौसमी बदलाव का बुरा असर कई फसलों पर देखा जा रहा है.

अगर बारिश की बात की जाए तो चौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में बारिश देखने को मिल रही है. इसके साथ ही चारधाम की अगर हम बात करें तो दोपहर बाद चारधामों में मौसम बदलने लगता है.

यमुनोत्री में भारी बर्फबारी

उधर यमुनोत्री के कपाट खुले मंगलवार को 18 दिन हो गए हैं. इस बीच 106802 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन करने के भागी भी बन चुके हैं. यात्रा के बीच लगातार मौसम अपनी करवट बदलते जा रहा है. कपाट खुलने के बाद से अब तक दोपहर बाद लगातार यमुनोत्री धाम में मौसम की करवट देखी जा रही है. मौसम की करवट बारिश तक सीमित नहीं बल्कि महज 17 दिनों में ही तीन बार बर्फबारी का नजारा श्रद्धालु भी यमुनोत्री धाम में देख चुके हैं.

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बद्रीनाथ धाम में सुबह 4:00 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही झमाझम बर्फबारी हो रही है. मानो इस बार बद्रीनाथ धाम पर कुदरत इस तरह मेहरबान है कि कपाट खुलने के बाद लगातार बर्फबारी का दौर देखने को मिल रहा है. जहां मैदानी इलाकों में मई के दूसरे सप्ताह में जबरदस्त प्रचंड गर्मी देखने को मिल रही है. वहीं बद्रीनाथ धाम में तापमान माइनस में लुढ़का हुआ है. ऐसे में श्रद्धालु भी यहां जबरदस्त ठंड के बीच उत्साहित हैं.

चारधाम यात्रियों को परेशानी

यात्रियों में मौसम की वजह से कुछ परेशानी भी देखी जा रही है. गुजरात से आए यात्री कहते हैं कि गुजरात में इस समय तापमान बहुत बढ़ा हुआ है. केदारनाथ की यात्रा के बाद बद्रीनाथ धाम पहुंचे हैं. ऐसे में यहां बर्फबारी के बीच मंदिर दर्शनों के लिए आए हैं, लेकिन ठंड बहुत ज्यादा है. 

चारधाम यात्रा पर इस बर्फबारी का बुरा असर देखने को मिल रहा है. जहां पिछले वर्ष तक 20 से 25000 श्रद्धालु कम से कम बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर एक दिन में पहुंचे थे. वहीं इस बार बड़ा असर देखने को मिल रहा है जो कि 10 मई से 13000 यात्रियों पर ही सिमट गया है. पिछले वर्ष रिकॉर्डतोड़ 18 लाख श्रद्धालु पूरे यात्रा काल में बद्रीनाथ धाम पहुंचे थे. वही इस बार उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में पिछले रिकॉर्ड टूट कर धराशायी होंगे, लेकिन कहीं ना कहीं मौसम इस बार परेशानी का सबब बनता जा रहा है.

फरवरी महीने से बिगड़ा मौसम

फरवरी महीने से लगातार हो रही बर्फबारी थमने का नाम नहीं ले रही है. सोमवार को भी केदारनाथ धाम में जमकर बर्फबारी हुई. बर्फबारी के कारण पुलिस की ओर से यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की गई. मंगलवार सुबह धाम में मौसम साफ हो गया. मौसम साफ होने के बाद सोनप्रयाग से लगभग पांच हजार यात्रियों को केदारनाथ धाम की यात्रा पर भेजा गया. धाम में सोमवार सुबह के समय वायु सेना का चिनूक हेलिकॉप्टर पुनर्निर्माण सामग्री को लेकर केदारनाथ पहुंचा. 

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अब केदारनाथ धाम में द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्य भी शुरू हो गए हैं. हालांकि सुबह नौ बजे बाद निचले क्षेत्रों में मौसम खराब हो गया था और बारिश शुरू हो गई थी. मौसम विभाग ने मंगलवार को भी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी तो निचले क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की है.

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