
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की दस्तक अब बेहद करीब पहुंच गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान केरल में मॉनसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में भी मॉनसूनी गतिविधियां आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. शुरुआती चरण में दक्षिण भारत के हिस्सों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है और इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर देश के दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचेगा. केरल में अगले कई दिनों तक कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रह सकता है.
तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में भी अच्छी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी.
IMD के मुताबिक, मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के साथ देश के दूसरे हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है. उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में गरज-चमक, धूलभरी हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश के दौर बनने के संकेत हैं. वहीं, मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम सक्रिय रहेगा. वहीं पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में अगले दिनों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी रहने का अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मौसम की यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने और पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी की जरूरत रहेगी.
वहीं, दिल्ली एनसीआर में भी मौसम धीरे-धीरे बदलने वाला है. अगले दिनों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी. इससे अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है और गर्मी से कुछ राहत मिलने के संकेत हैं. हालांकि बीच-बीच में उमस बनी रह सकती है.