कम बारिश से लातूर में बढ़ी पानी की चिंता, मंजरा बांध से अवैध जल उठाव पर होगी कार्रवाई

कम बारिश से लातूर में बढ़ी पानी की चिंता, मंजरा बांध से अवैध जल उठाव पर होगी कार्रवाई

कम बारिश के कारण महाराष्ट्र के लातूर में पानी की किल्लत का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने पीने के पानी को पहली प्राथमिकता देते हुए मंजरा बांध और पाइपलाइनों से अवैध जल उठाव रोकने के निर्देश दिए हैं. कम बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा है. किसानों की फसल और पशुओं के चारे की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

लातूर में सूखे जैसे हालात!लातूर में सूखे जैसे हालात!
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Sep 18, 2026,
  • Updated Sep 18, 2026, 5:19 PM IST

महाराष्ट्र के लातूर जिले में कम बारिश के कारण पानी की कमी का खतरा बढ़ गया है. इसे देखते हुए जिले के प्रभारी मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने अधिकारियों को सिंचाई परियोजनाओं से होने वाले अवैध जल उठाव पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, उपलब्ध पानी को मुख्य रूप से पीने के लिए सुरक्षित रखा गया है.

पीने के पानी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता

गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट में पानी की उपलब्धता और खरीफ फसलों की स्थिति को लेकर बैठक हुई. इस बैठक में मंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों को देखते हुए प्रशासन को अभी से तैयारी करनी होगी. उन्होंने साफ कहा कि उपलब्ध पानी में सबसे पहली प्राथमिकता पीने के पानी की होनी चाहिए. मंत्री ने अधिकारियों को सिंचाई परियोजनाओं से अवैध तरीके से पानी निकालने वालों पर लगातार कार्रवाई करने के लिए विशेष टीमें बनाने को कहा. उनका कहना था कि पानी की कमी के समय हर बूंद का सही इस्तेमाल जरूरी है.

मंजरा बांध से अवैध पानी उठाने पर होगी कार्रवाई

लातूर शहर में पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइनों से पानी चोरी रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए. इसके लिए लातूर नगर निकाय, बिजली वितरण कंपनी MSEDCL, पुलिस और राजस्व विभाग को मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया है. मंजरा बांध से होने वाले अवैध जल उठाव पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का फोकस अब यह सुनिश्चित करने पर है कि उपलब्ध पानी का इस्तेमाल तय जरूरतों के लिए ही हो.

कम बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान

लातूर में कम बारिश का असर खरीफ फसलों पर भी पड़ा है. मंत्री भोसले ने कहा कि बारिश की कमी से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने अधिकारियों को फसल कटाई प्रयोग के दौरान नुकसान का सही तरीके से रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि फसल नुकसान की रिपोर्ट जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थिति के आधार पर तैयार होनी चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को मिलने वाली सहायता के आकलन में सही जानकारी शामिल हो सके.

पशुओं के लिए चारे की भी तैयारी

सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने भी बैठक में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता पर ध्यान देने को कहा. उन्होंने कृषि और पशुपालन विभाग को पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि पानी की कमी के दौरान पशुओं के लिए चारे का संकट न पैदा हो. उन्होंने कहा कि पशु किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इसलिए पशुपालकों को चारे की उपलब्धता और उसके सही प्रबंधन के बारे में जानकारी भी दी जानी चाहिए.

दिसंबर तक पानी, उसके बाद चुनौती

उदगीर के विधायक संजय बनसोडे ने बताया कि उदगीर और जालकोट तहसील में दिसंबर तक पीने के पानी का पर्याप्त भंडार मौजूद है. हालांकि, इसके बाद पानी की कमी से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी. औसा के विधायक अभिमन्यु पवार ने पानी की बर्बादी रोकने की जरूरत बताई. उन्होंने खराब पाइपलाइनों की तुरंत मरम्मत कराने और अनावश्यक पानी की खपत पर रोक लगाने की बात कही. साथ ही लोगों के बीच पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करने को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया.

महाराष्ट्र के 18 जिलों में सूखे जैसे हालात

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने हाल में कहा था कि कम बारिश के कारण राज्य के 18 जिलों में सूखे जैसी स्थिति बनी है. उन्होंने बताया था कि इन जिलों से फसल नुकसान और मौजूदा स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. उनके अनुसार, राज्य के करीब आधे किसान कम बारिश से पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं. महाराष्ट्र में बारिश की कमी को लेकर मराठवाड़ा समेत कई इलाकों में चिंता बढ़ी है. ऐसे में लातूर में पानी बचाने, फसल नुकसान का सही आकलन करने और पशुओं के लिए चारे की पहले से व्यवस्था करने पर प्रशासन का जोर है.

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