
देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और 13 सितंबर को भी कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है. दरअसल, दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव (लो-प्रेशर एरिया) के क्षेत्र का असर मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों पर पड़ने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 13 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. वहीं, कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 13 सितंबर को बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. मौसम में बदलाव के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है. हालांकि, दिल्ली के लिए इस दिन बहुत भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 13 से 17 सितंबर के दौरान बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है. ऐसे में दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार कम हैं. बारिश होने पर तापमान में थोड़ी गिरावट और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है.
13 सितंबर को गुजरात के लिए मौसम विभाग ने खास चेतावनी जारी की है. गुजरात क्षेत्र में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश यानी 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ में भी 13 और 14 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. किसानों को भी खेतों में पानी जमा होने की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी.
मध्य भारत में भी 13 सितंबर को मौसम खराब रहने की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी कई जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 से 14 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है. साथ ही छत्तीसगढ़ में 13 से 15 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है.
महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में भी 13 सितंबर को बारिश का असर देखने को मिलेगा. विदर्भ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र में भी बारिश की संभावना बनी हुई है. इसके अलावा तेलंगाना में 13 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. इससे पहले 12 सितंबर को तेलंगाना में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया था. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी 13 सितंबर को तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम की स्थिति बन सकती है. यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के दौरान यह 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है.
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर बना रहेगा. उत्तराखंड में 13 सितंबर को कई जगहों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है. राज्य में 13 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. साथ ही पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
पूर्वी भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. झारखंड में 13 से 18 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है. बिहार में 13 से 15 सितंबर और 18 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. ओडिशा में 13 और 14 सितंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 13 सितंबर को बारिश की संभावना है. वहीं, बात करें दक्षिण भारत कि तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की है. गुजरात तट के पास उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 13 से 16 सितंबर के दौरान समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है. वहीं बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बारिश की यह नई गतिविधि खरीफ फसलों के लिए कई क्षेत्रों में फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां हाल के दिनों में बारिश की कमी दर्ज की गई थी.
हालांकि, जिन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है, वहां धान, सोयाबीन, कपास और सब्जी फसलों को जलभराव और तेज हवाओं से नुकसान का खतरा भी बना रहेगा. किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है.