
ओडिशा में मौसम की सटीक जानकारी और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को संबलपुर में राज्य के तीसरे डॉप्लर वेदर रडार (DWR) का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने तटीय इलाकों में तीन और डॉप्लर रडार लगाने की घोषणा की. सरकार का कहना है कि इससे मौसम की पहले जानकारी मिलेगी और बाढ़, तूफान, आंधी और बिजली जैसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी.
संबलपुर में शुरू किया गया डॉप्लर वेदर रडार ओडिशा के लिए मौसम की निगरानी को और मजबूत करेगा. इससे राज्य के 13 जिलों को मौसम की जानकारी और चेतावनी मिलने में मदद मिलेगी. इतना ही नहीं, इस रडार से पड़ोसी राज्यों झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी. संबलपुर से पहले ओडिशा में पारादीप और गोपालपुर में डॉप्लर वेदर रडार लगाए जा चुके हैं. अब संबलपुर में तीसरा रडार शुरू होने के बाद राज्य के पश्चिमी हिस्से में मौसम की निगरानी और बेहतर हो सकेगी.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के मुताबिक, संबलपुर में लगाया गया डॉप्लर वेदर रडार करीब 250 किलोमीटर के दायरे में मौसम से जुड़ा सटीक डेटा उपलब्ध करा सकता है. वहीं, यह रडार करीब 450 किलोमीटर दूर तक बनने वाले मौसम सिस्टम पर नजर रख सकता है. इससे बारिश, आंधी, तूफान और दूसरे मौसम बदलावों को समझने में मौसम विभाग को मदद मिलेगी. समय रहते जानकारी मिलने पर प्रशासन और आम लोगों को जरूरी सावधानी बरतने का मौका मिलेगा.
संबलपुर के डॉप्लर वेदर रडार से ओडिशा के 13 जिलों को फायदा मिलेगा. इनमें संबलपुर, बरगढ़, झारसुगुड़ा, सुंदरगढ़, देवगढ़, सोनपुर, बोलांगीर, बौध, नुआपाड़ा, अंगुल, कालाहांडी, क्योंझर और ढेंकानाल शामिल हैं. इन जिलों में बड़ी संख्या में लोग खेती और दूसरे ग्रामीण कामों पर निर्भर हैं. ऐसे में मौसम की सही जानकारी किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी. खासकर बारिश, आंधी और बिजली से जुड़ी चेतावनी मिलने पर किसान अपनी फसल और खेत से जुड़े कामों की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे.
संबलपुर के डॉप्लर वेदर रडार से किसानों को मौसम की पहले जानकारी मिलने की उम्मीद है. पश्चिमी ओडिशा के कई इलाकों में खेती बारिश और सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर करती है. ऐसे में अचानक होने वाली तेज बारिश, आंधी, ओलावृष्टि या बिजली गिरने की घटनाएं फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रडार महानदी नदी बेसिन के किसानों के लिए भी उपयोगी होगा. बरगढ़ को ओडिशा का ‘राइस बाउल’ यानी धान का कटोरा कहा जाता है. यहां बड़ी मात्रा में धान की खेती होती है. ऐसे में मौसम की सटीक जानकारी किसानों के लिए काफी अहम हो सकती है.
इस डॉप्लर वेदर रडार की एक खासियत यह है कि इससे हर 10 मिनट में बारिश से जुड़ा डेटा हासिल किया जा सकेगा. करीब 150 मीटर के रिजॉल्यूशन पर बारिश का अनुमान लगाने में यह सिस्टम मदद करेगा. इससे यह समझने में आसानी होगी कि किसी इलाके में कितनी बारिश हो रही है और आगे बारिश की स्थिति कैसी रह सकती है. यह जानकारी सिर्फ किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बाढ़ और जल प्रबंधन के लिए भी महत्वपूर्ण होगी.
संबलपुर में लगा रडार हिराकुंड जलाशय में पानी के आने की स्थिति को समझने में भी मदद करेगा. बारिश का डेटा मिलने से जलाशय में पानी के प्रवाह को बेहतर तरीके से मैनेज करने में सहायता मिल सकती है. बारिश के समय बांध और जलाशय में पानी का स्तर बढ़ना एक महत्वपूर्ण मुद्दा होता है. ऐसे में समय पर मौसम की जानकारी मिलने से प्रशासन को पानी के प्रबंधन और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने में मदद मिल सकती है.
सरकार के मुताबिक, यह रडार प्री-मॉनसून आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि, भारी बारिश और चक्रवात जैसी मौसम की घटनाओं की निगरानी में मदद करेगा. किसी गंभीर मौसम प्रणाली के बनने पर शुरुआती जानकारी मिलने से प्रशासन अलर्ट जारी कर सकता है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा सकती है और आपदा प्रबंधन की टीमें भी पहले से तैयार हो सकती हैं.
मौसम की सटीक जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ खेती और आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार के अनुसार, बिजली, उद्योग, परिवहन और पावर ग्रिड जैसे क्षेत्रों में भी इसका फायदा मिलेगा. तेज आंधी या भारी बारिश की स्थिति में बिजली के नेटवर्क और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है. मौसम की पहले जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग जरूरी तैयारी कर सकते हैं.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य में तीन और डॉप्लर वेदर रडार लगाने की घोषणा की है. ये रडार भुवनेश्वर, बालासोर और पारादीप में लगाए जाएंगे. इन नए रडार के बाद ओडिशा में मौसम की निगरानी का नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है. खासकर तटीय इलाकों में चक्रवात और भारी बारिश जैसी घटनाओं पर नजर रखने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है.
कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. उन्होंने संबलपुर में रडार की शुरुआत को भारत की मौसम पूर्वानुमान व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देशभर में 40 और डॉप्लर वेदर रडार लगाए जाएंगे. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की निगरानी और पूर्व चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि पश्चिमी ओडिशा में डॉप्लर वेदर रडार लगना लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार आपदाओं से होने वाली मौतों को रोकने के लिए ‘जीरो कैजुअल्टी’ नीति पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि संबलपुर में रडार के चालू होने से पश्चिमी ओडिशा के 13 जिलों में किसानों, आम लोगों और आपदा प्रबंधन टीमों को बिजली, भारी बारिश और तूफान की जानकारी पहले मिल सकेगी.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि संबलपुर में डॉप्लर वेदर रडार लगाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा ओडिशा सरकार ने उपलब्ध कराया. उन्होंने कहा कि यह सुविधा केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है. संबलपुर में शुरू हुआ यह रडार पश्चिमी ओडिशा में मौसम की निगरानी को नई मजबूती देगा. किसानों के लिए मौसम की जानकारी, हिराकुंड जलाशय में पानी के प्रबंधन और प्राकृतिक आपदाओं से पहले तैयारी के लिहाज से यह सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है.
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