250 करोड़ की योजना अधूरी, पानी के लिए जमीन खोद रहे लोग! कवठा गांव की चौंकाने वाली तस्वीर

250 करोड़ की योजना अधूरी, पानी के लिए जमीन खोद रहे लोग! कवठा गांव की चौंकाने वाली तस्वीर

अकोला के कवठा गांव में भीषण पानी संकट ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है. नदी और बांध होने के बावजूद ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए सूखी जमीन में गड्ढे खोदने को मजबूर हैं. खारा पानी पीने से बीमारियां बढ़ रही हैं. वर्षों से अधूरी जल योजनाओं के बीच गांव वाले आज भी साफ और मीठे पानी का इंतजार कर रहे हैं.

अकोला में पानी के लिए तरस रहे लोगअकोला में पानी के लिए तरस रहे लोग
धनंजय साबले
  • Akola,
  • May 11, 2026,
  • Updated May 11, 2026, 8:26 AM IST

अकोला जिले के बालापुर तहसील में स्थित कवठा गांव इन दिनों भीषण पानी संकट से जूझ रहा है. करीब ढाई हजार की आबादी वाले इस गांव में लोग कई सालों से पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यहां गर्मियों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है और तेज धूप के बीच लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान रहते हैं. गांव में नदी और बैरेज होने के बावजूद लोगों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है.

सूखी नदी में गड्ढे खोदकर निकाल रहे पानी

गांव के हैंडपंप और कुएं सूख चुके हैं. अब लोग सूखी नदी के बीच छोटे-छोटे गड्ढे खोदकर पानी निकाल रहे हैं. यही पानी पीने और घर के कामों में इस्तेमाल किया जाता है. गांव की रहने वाली वंदना खंडेराव बताती हैं कि पिछले 30 से 40 सालों से हर गर्मी में यही हाल रहता है. लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर थोड़ा-थोड़ा पानी भरना पड़ता है.

खारे पानी से बढ़ रही बीमारियां

कवठा गांव सलाइन बेल्ट में आता है, इसलिए यहां का पानी खारा और दूषित है. मजबूरी में लोग वही पानी पी रहे हैं. इससे गांव में बीमारियां भी बढ़ रही हैं. बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. गांव वालों का कहना है कि उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है.

पानी की कमी से रुक रही शादियां

गांव में पानी की समस्या अब सामाजिक परेशानी भी बन चुकी है. यहां के युवाओं की शादी में भी दिक्कत आ रही है. लोग अपनी बेटियों की शादी ऐसे गांव में नहीं करना चाहते, जहां पीने का पानी तक उपलब्ध न हो. ग्रामीणों का कहना है कि पहले लोग गांव की खेती और माहौल देखते थे, लेकिन अब सबसे पहले पानी की व्यवस्था पूछी जाती है.

250 करोड़ की योजना अधूरी

कवठा गांव के लिए 69 गांवों की जल योजना बनाई गई थी. करीब 250 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, लेकिन सरकार बदलने के बाद योजना रुक गई. अब गांव वालों को उम्मीद है कि यह योजना जल्द पूरी होगी और उन्हें साफ पानी मिल सकेगा.

विधायक ने दिया भरोसा

बालापुर क्षेत्र के विधायक Nitin Deshmukh ने कहा कि रुकी हुई जल योजना का काम फिर से शुरू कर दिया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले कुछ महीनों में गांव तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जाएगी.

आज भी पानी के लिए संघर्ष

देश जहां विकास और आधुनिक सुविधाओं की बात कर रहा है, वहीं कवठा गांव के लोग आज भी पानी के लिए जमीन खोदने को मजबूर हैं. गांव वालों की सिर्फ एक ही मांग है कि उन्हें पीने के लिए साफ और मीठा पानी मिल जाए, ताकि उनका जीवन थोड़ा आसान हो सके.

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