UP में 'डिजिटल कृषि' व्यवस्था को मिल रही मजबूती, अब तक 2.23 करोड़ से अधिक किसानों को मिली नई पहचान

UP में 'डिजिटल कृषि' व्यवस्था को मिल रही मजबूती, अब तक 2.23 करोड़ से अधिक किसानों को मिली नई पहचान

UP News: डॉ त्रिपाठी ने आगे बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है. इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है.

Advertisement
UP में 'डिजिटल कृषि' व्यवस्था को मिल रही मजबूती, अब तक 2.23 करोड़ से अधिक किसानों को मिली नई पहचान किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है. किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है. योगी सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.23 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 77.43 प्रतिशत है.

65,15,851 किसानों का पंजीकरण अभी बाकी 

प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी. केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2,23,54,644 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 65,15,851 किसानों का पंजीकरण अभी बाकी है.

मिशन मोड में अभियान संचालित

उन्होंने बताया कि इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय स्तर के कर्मचारियों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं. सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, ऋण सुविधा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगले 30 दिनों यानी 6 जून 2026 तक लक्ष्य पूरा करना है. इसके साथ ही वर्तमान प्रगति के आधार पर किसानों की आईडी निर्माण प्रक्रिया 108 दिनों में यानी 22 अगस्त 2026 तक पूर्ण होने का अनुमान है.

प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19% पूर्ण

डॉ त्रिपाठी ने आगे बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है. इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी.

कृषि व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

कृषि निदेशक के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है. इससे सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने, योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और कृषि आधारित नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी.

योगी सरकार दे रही डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा

बता दें कि योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है. वहीं डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है. कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है.

ये भी पढ़ें-

किसानों के लिए पानी बचाने की मुहिम, एक मंच पर दिखेंगे आमिर खान, नाना पाटेकर और नितिन गडकरी

अब हल्दी की खेती होगी फायदे का सौदा, ICAR ने तैयार की ये खास वैरायटी

POST A COMMENT