
देश इस समय मौसम के दो चरम रूपों का सामना कर रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक तरफ उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है, वहीं दूसरी ओर मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्सों में भीषण लू की स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया है. यह स्थिति आने वाले दिनों में लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी राज्यों में मौसम बेहद अस्थिर रहने वाला है. अरुणाचल प्रदेश में 18 और 19 अप्रैल को भारी वर्षा के साथ बिजली और तूफान की संभावना जताई गई है.
असम और मेघालय में 17 और 18 अप्रैल को तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है, जबकि नागालैंड में 18 अप्रैल को मौसम खराब रह सकता है. इन इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बीते दिन त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई, वहीं अरुणाचल प्रदेश में 50 से 80 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलीं.
यह असामान्य मौसम कई वायुमंडलीय प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण बन रहा है. भूमध्यसागर के पास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तरी बांग्लादेश के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण और दो अलग-अलग वायु-दाब गर्त इस स्थिति को प्रभावित कर रहे हैं. इसके अलावा 16 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी हो सकती है.
देश के मैदानी हिस्सों में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है. कई राज्यों में अधिकतम तापमान 38 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है. महाराष्ट्र के अकोला और कर्नाटक के कलबुर्गी में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और रायलसीमा में पूरे सप्ताह लू चलने की आशंका है. उत्तर-पश्चिम भारत में 18 अप्रैल तक तापमान 3 से 4 डिग्री और बढ़ सकता है, जबकि मध्य भारत में 20 अप्रैल तक 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है.
स्थिति को और गंभीर बनाते हुए कई क्षेत्रों में रात का तापमान भी सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक बना हुआ है. गुजरात, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा और तेलंगाना में लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं और लोगों की परेशानी बढ़ गई है.
गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तटीय महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है. यहां तापमान के साथ नमी बढ़ने से असहजता अधिक महसूस की जा रही है, जिससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है.
लू प्रभावित इलाकों में लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है. अधिक पानी पीने, हल्के और ढीले कपड़े पहनने और बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. वहीं, तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को चेतावनी वाले दिनों में समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है. (अनमोल नाथ बाली की रिपोर्ट)