
देश के कई हिस्सों में 4 अगस्त को मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. असम-मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और केरल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है.
उत्तर भारत के मौसम की बात करें तो यहां आज जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी. उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में 4 अगस्त को दिनभर बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर चलने और अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और मध्य भारत में भी मॉनसून का असर बना रहेगा. बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर बारिश होगी. बिहार और झारखंड में कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 5 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.
पश्चिम भारत में कोंकण-गोवा, गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में बारिश जारी रहेगी. 4 अगस्त को मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में अच्छी बारिश का दौर बना रहेगा. तमिलनाडु में भी कुछ जगहों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं.
IMD के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 4 अगस्त को बेहद तेज बारिश का दौर रहने की संभावना है. इन इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन, जलभराव और यातायात बाधित होने का खतरा बना हुआ है.
किसानों के लिए सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखें ताकि फसलों में जलभराव न हो. जिन इलाकों में बारिश की संभावना है वहां फिलहाल उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टालें.
तेज हवा की आशंका वाले क्षेत्रों में केला, सब्जियों और अन्य सहारा वाली फसलों को मजबूती से बांधें. कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और पशुओं के चारे को भी बारिश से बचाकर रखें.