
देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है और इसके साथ बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) लगातार पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. इसी वजह से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, अगले 3-4 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है. 31 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश, गुजरात में मुसलाधार भारी, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, बिहार, पश्चिम राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, असम और मेघालय समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है. ऐसे में आइए जानते हैं आज के मौसम का हाल.
आईएमडी के अनुसार मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है. पश्चिम-मध्य छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों पर बना गहरा दबाव कमजोर होकर डिप्रेशन में बदलते हुए विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश की ओर बढ़ेगा. इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्य, पश्चिम और उत्तर भारत के बड़े हिस्से में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा.
दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है. दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. सुबह दक्षिण-पूर्वी और बाद में उत्तर-पूर्वी दिशा से 18 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुजरात में 31 जुलाई से 2 अगस्त के बीच राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके तहत सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, भावनगर, भरूच, आणंद, नर्मदा, तापी, डांग, छोटा उदेपुर, पंचमहल, दाहोद और महीसागर सहित कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह तैयार और सतर्क रहने के निर्देश दिया गया है.
उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है. पहाड़ी राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा.
मध्य भारत: पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश होगी. पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है.
पूर्वी भारत: बिहार में 31 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का दौर रहेगा, जबकि झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है.
पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी. कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है.
पश्चिम भारत: गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. गुजरात क्षेत्र में 31 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का सबसे बड़ा खतरा है.
दक्षिण भारत: तेलंगाना, केरल, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश होगी. तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
लगातार भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों से अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें ताकि फसलों में जलभराव न हो. जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है वहां फिलहाल बुवाई, सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव टालें. धान, सोयाबीन, मक्का, कपास, अरहर, मूंग, उड़द और सब्जियों के खेतों में निकासी की उचित व्यवस्था रखें. कटाई के लिए तैयार फसलों और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा पशुओं को खुले में न छोड़ें.