अल नीनो की आहट से अलर्ट आंध्र सरकार, किसानों और महंगाई पर फोकस

अल नीनो की आहट से अलर्ट आंध्र सरकार, किसानों और महंगाई पर फोकस

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अल नीनो के संभावित असर से किसानों को बचाने के लिए अधिकारियों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चावल, प्याज, पामोलीन और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर नियंत्रण रखने को कहा है. सरकार फसल बीमा, बाजार की मांग के अनुसार खेती और किचन गार्डन को बढ़ावा देगी.

अल नीनो से फसल बचाने की तैयारीअल नीनो से फसल बचाने की तैयारी
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Sep 21, 2026,
  • Updated Sep 21, 2026, 11:22 AM IST

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को अल नीनो के संभावित असर से किसानों को बचाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मौसम में होने वाले बदलाव का असर सिर्फ खेती पर ही नहीं, बल्कि कई दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है. इसलिए सरकार को पहले से तैयार की गई योजना के अनुसार काम करना चाहिए.

जरूरी सामान की कीमतों पर भी रखी जाएगी नजर

मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देने के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतों को नियंत्रण में रखने पर भी जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों से चावल, प्याज, पामोलीन तेल और दूसरी जरूरी वस्तुओं के दाम पर नजर रखने को कहा. सरकार का मकसद है कि मौसम की वजह से आम लोगों पर महंगाई का ज्यादा बोझ न पड़े.

गोदामों में रखा चावल बाजार में उतारने के निर्देश

चावल की बढ़ती कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री ने गोदामों में मौजूद स्टॉक की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को जरूरत के अनुसार गोदामों में रखा चावल बाजार में जारी करने के निर्देश दिए. सरकार का मानना है कि बाजार में पर्याप्त चावल उपलब्ध होने से कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.

प्याज की कीमतों को लेकर भी तैयारी

मुख्यमंत्री ने प्याज की कीमतों को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली. उन्होंने बताया कि कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग जगहों से प्याज खरीदा जा रहा है. साथ ही उन्होंने भविष्य में बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए प्याज की खेती कराने पर जोर दिया, ताकि जरूरत के समय प्याज की कमी न हो.

बाजार की मांग के हिसाब से फसल उगाएं किसान

चंद्रबाबू नायडू ने किसानों से जुड़ी योजनाओं में बाजार की मांग को ध्यान में रखने की बात कही. उनका कहना है कि जिस फसल की बाजार में ज्यादा मांग हो, उसकी खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और फसल की कीमत में भी मदद मिल सकती है.

फसल खराब होने पर बीमा से मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने फसल बीमा को भी किसानों के लिए जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि अगर मौसम की वजह से किसानों की फसल खराब होती है, तो फसल बीमा के जरिए उन्हें नुकसान की भरपाई मिल सकती है. अधिकारियों को किसानों तक बीमा की जानकारी पहुंचाने और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए.

किचन गार्डन को बढ़ावा देने पर जोर

सब्जियों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आंध्र प्रदेश में किचन गार्डन को बढ़ावा देने की भी बात कही गई. इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा. घरों और स्थानीय स्तर पर सब्जियां उगाने से बाजार पर दबाव कम करने और सब्जियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

क्या है अल नीनो?

अल नीनो एक प्राकृतिक मौसम संबंधी घटना है. इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से के समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर मौसम पर पड़ सकता है और कई जगहों पर बारिश, गर्मी और खेती से जुड़ी परिस्थितियों में बदलाव देखने को मिल सकता है. इसी वजह से आंध्र प्रदेश सरकार किसानों को पहले से तैयार रखने पर जोर दे रही है.

किसानों के साथ मिलकर काम करेंगे अधिकारी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से किसानों और दूसरे संबंधित लोगों के साथ मिलकर काम करने को कहा. उन्होंने अल नीनो को एक चुनौती बताते हुए पहले से तैयार योजना को जमीन पर लागू करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को मौसम के असर से बचाया जा सके और जरूरी सामान की कीमतों को भी नियंत्रण में रखा जा सके. (PTI)

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