
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सक्रिय बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसका असर मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बना रहेगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 22 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और कुछ अन्य क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन, सड़क बाधित होने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका जताई है. साथ ही लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 22 जुलाई को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है. कई इलाकों में हल्की बारिश के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक और 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. बारिश की वजह से तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है.
उत्तर भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. इनमें उत्तराखंड, हरियाणा-दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. वहीं, मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है. पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज होने की संभावना है.
IMD के मुताबिक, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश का दौर जारी रहेगा. बिहार और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. इन राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. वहीं, पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश की संभावना है. कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में सतर्कता बरतने की जरूरत होगी.
पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ में मॉनसून सक्रिय रहेगा. गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं कोंकण और गोवा में भी कई स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान है. इसके अलावा दक्षिण भारत में तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां उत्तर और मध्य भारत की तुलना में कम रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों में जलभराव न हो. जिन इलाकों में लगातार बारिश का अनुमान है वहां सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें.
किसान काटकर रखी गई उपज को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें और तेज हवा और बारिश से बचाने के लिए ढककर रखें. पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित शेड में रखें और चारे को भी बारिश से सुरक्षित रखें.