असम में बाढ़ का कहर! खेत-घर सब पानी में डूबे, अगले कुछ दिन और भारी बारिश की चेतावनी

असम में बाढ़ का कहर! खेत-घर सब पानी में डूबे, अगले कुछ दिन और भारी बारिश की चेतावनी

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने ऊपरी असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बना दी है. जोरहाट, शिवसागर और चराइदेव समेत कई जिले जलमग्न हैं, जबकि सड़क, रेलवे और तटबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है.

असम में बाढ़ का कहरअसम में बाढ़ का कहर
क‍िसान तक
  • Jorhat,
  • Jul 20, 2026,
  • Updated Jul 20, 2026, 3:07 PM IST

असम में लगातार कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं. खासकर ऊपरी असम के जोरहाट, शिवसागर और चराइदेव जिले बाढ़ की चपेट में हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई गांव पानी में डूब गए हैं. सड़कें, फसलें, तटबंध और रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि हजारों लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है, वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भारी बारिश की चेतावनी दी है.

जोरहाट में भोगदोई नदी ने बढ़ाई मुश्किलें

जोरहाट जिले में भोगदोई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी का जलस्तर बढ़ने से बोरिगांव क्षेत्र का तटबंध ऊपर से बहने लगा, जिसके बाद बाढ़ का पानी आसपास के गांवों, खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया. कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बाधित है और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि जिला प्रशासन लगातार राहत कार्य कर रही है.

शिवसागर में घर, स्कूल और खेत पानी में डूबे

शिवसागर जिले में भी बाढ़ का असर तेजी से बढ़ रहा है. लगातार बारिश के चलते दिखौ और जांजी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जिले के कई रिहायशी इलाकों, स्कूलों और सरकारी भवनों में पानी भर गया है. वहीं,  हजारों बीघा कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है. इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ रही है.

चराइदेव में रेलवे ट्रैक और सड़क संपर्क प्रभावित

चराइदेव जिले में भी बाढ़ का असर गंभीर बना हुआ है. खासकर सोनारी उपमंडल के कई गांव पानी से घिर गए हैं. सिमलगुड़ी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि कई सड़कों पर पानी भरने और कटाव होने से संपर्क टूट गया है. इससे राहत और बचाव कार्यों में भी दिक्कत आ रही है. प्रशासन प्रभावित इलाकों तक भोजन, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचाने में जुटा है. साथ ही कमजोर तटबंधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

राहत और बचाव के लिए पूरी मशीनरी सक्रिय

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए असम सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है. राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं. नावों की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. लोगों से कहा गया है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. फिलहाल पूरे प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. सरकार का प्रयास है कि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकालकर जन-धन के नुकसान को कम से कम किया जा सके. (पूर्ण विकास की रिपोर्ट)

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