
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में भी ठंड का सितम लगातार जारी है. लेकिन यह ठंड फसलों के लिए अमृत से कम नहीं. एक तरफ इस ठंड ने आम लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, तो दूसरी तरफ इस ठंड ने किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है. किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो ठंड जितनी बढ़ेगी, गेहूं की पैदावार उतनी ही अच्छी होगी. ठंड जितनी अधिक होती है, गेहूं की पैदावार उतनी ही बढ़ जाती है. इस लिहाज से देखें तो देश के जिन-जिन इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहां इस बार गेहूं की बंपर पैदावार मिलने का अनुमान है. हालांकि सरसों के किसानों को कुछ घाटा उठाना पड़ सकता है. सरसों की फसल अधिक पाला बर्दाश्त नहीं कर पाती.
पंजाब के किसानों का कहना है कि इस बार ठंड देर से शुरू हुई है. दिसंबर महीने में ठंड पड़ी थी. ऐसे में किसानों को चिंता सता रही थी कि बगैर ठंड के गेहूं की फसल की पैदावार बहुत कम होगी. पिछले साल की फसल जहां अधिक बारिश से चौपट हुई थी, तो इस बार ठंड नहीं पड़ने की स्थिति में गेहूं मारे जाने की आशंका थी. पर अब यह डर काफूर हो गई है क्योंकि कड़ाके की ठंड ने गेहूं को बंपर बढ़वार में मदद की है. अब किसान इस बात से खुश हैं कि उनका गेहूं अच्छी उपज देगा.
सोनीपत के किसानों का कहना है कि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी, वैसे-वैसे गेहूं की फसल तेजी से बढ़ेगी. गेहूं की बालियों में फुटाव अधिक होता है. गेहूं की अच्छी फसल के लिए फरवरी महीने तक अच्छी ठंड रहनी चाहिए. इससे आगे बंपर पैदावार मिलने की उम्मीद रहती है. गेहूं की पैदावार अच्छी हो तो एक एकड़ में 20 से 25 क्विंटल के करीब उपज मिल सकती है. बस इस बात का ध्यान रखना होता है कि जब सिंचाई की जरूरत हो, तो खेतों में पानी दें. छिड़काव और यूरिया की मात्रा भी फसल में देते रहें. कीटनाशक भी समय-समय पर लगाते रहना चाहिए.
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एक किसान वीरेंद्र कहते हैं, जितनी ज्यादा सर्दी पड़ती है, गेहूं उतना ज्यादा फुटाव करता है. गेहूं की जितना ज्यादा फूट होगी, उसकी पैदावार उतनी ज्यादा बढ़ेगी. फरवरी तक ठंड और उसके बाद फसल पकने के लिए गर्मी की जरूरत होती है. पिछली बार जब गेहूं पकने का समय आया तो अचानक गर्मी बढ़ गई. इससे दाने सूख गए और छोटे रह गए. इससे गेहूं की पैदावार घट गई. अभी की ठंड अगर फरवरी-मार्च तक चले तो उससे गेहूं की अच्छी पैदावार होगी.
किसानों का कहना है कि जैसे-जैसे ठंड पड़ेगी, गेहूं की बाली बढ़ेगी और दाने बढ़ेंगे. ठंड के बीच खेतों में पर्याप्त पानी और खाद दे दिया तो बंपर पैदावार मिलेगी. इस बार ठंड में गेहूं की फसल अच्छी तरह से फल-फूल रही है. इस बारे में कृषि विभाग के अधिकारी (तकनीकी सहायक) हरीश कुमार कहते हैं, अभी जिस तरह की कड़ाके की ठंड पड़ रही है उससे रबी की फसल जैसे गेहूं, सरसों और सब्जियों को अधिक नुकसान होने वाला नहीं है. गेहूं को अभी ठंड से फायदा हो रहा है, लेकिन पाला अधिक गिरने से सरसों को नुकसान हो सकता है. सब्जियों को भी पाले से नुकसान होता है, पर अभी जो ठंड गिर रही है, उससे कोई दिक्कत होने वाली नहीं है.(रिपोर्ट-पवन राठी)