
देश के बड़े हिस्से में अब गर्मी का असर दिखने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में भी उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बने रहने की चेतावनी दी है. साथ ही दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 3 और 4 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. आईएमडी ने गुजरात के कुछ हिस्सों में 4 और 5 मार्च को गर्म और उमस भरे मौसम को लेकर भी अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग के मुताबि, 28 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. अगले एक हफ्ते में यहां अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है. मध्य भारत में फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन इसके बाद के दिनों में यहां भी गर्मी बढ़ेगी.
पूर्वी भारत में अगले 24 घंटों तक मौसम लगभग स्थिर रहने के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी छिटपुट बारिश और आंधी-तूफान के संकेत हैं.
इधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में फरवरी के आखिर में गर्मी का असर साफ दिखने लगा है. 28 फरवरी को राजधानी में आसमान साफ रहने की संभावना है, जबकि सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से काफी ऊपर रहेगा.
वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना रह सकता है. दिन के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाओं की रफ्तार दोपहर में बढ़ सकती है, जबकि शाम और रात में हवाएं कमजोर पड़ जाएंगी. आने वाले दिनों में भी दिल्ली में मौसम शुष्क और गर्म बना रहने के संकेत हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में तापमान लगातार ऊपर बना रहेगा और दिन में गर्मी ज्यादा महसूस होगी. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में भी हफ्ते के अंत तक अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर पहुंच सकता है.
तमिलनाडु और केरल में निचले स्तर के मौसमी सिस्टम के कारण कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम बदला-बदला रहेगा और कुछ इलाकों में बिजली गिरने के साथ बारिश के आसार हैं.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बढ़ते तापमान को देखते हुए फसलों में नमी बनाए रखने पर ध्यान दें. सिंचाई का समय सुबह या शाम के घंटों में रखें, ताकि पानी का वाष्पीकरण कम हो. जिन क्षेत्रों में बारिश या गरज-चमक की संभावना है, वहां कटाई और भंडारण से जुड़े काम मौसम साफ रहने पर ही करें.
पशुपालकों को गर्मी और उमस के दौरान पशुओं को छांव और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है. पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और पशुपालकों को बर्फबारी के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है.