रायबरेली के इंजीनियर ने बदल दी UP में मछली पालन की तस्वीर, जानें कैसे बनाया लाखों में कमाई का जरिया

रायबरेली के इंजीनियर ने बदल दी UP में मछली पालन की तस्वीर, जानें कैसे बनाया लाखों में कमाई का जरिया

Success Story: सुजीत चौधरी जैसे उद्यमियों की ऐसी पहल दर्शाती है कि सही नीतिगत सहयोग, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशीलता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां विकसित की जा सकती हैं. यह मॉडल न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है.

engineer sujit chaudhary from raebareli transformed the fisheries sector in up income in lakhsरायबरेली जनपद में 50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर सुजीत चौधरी कर रहे मत्स्य पालनengineer sujit chaudhary from raebareli transformed the fisheries sector in up income in lakhsरायबरेली जनपद में 50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर सुजीत चौधरी कर रहे मत्स्य पालन
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Jul 16, 2026,
  • Updated Jul 16, 2026, 9:50 AM IST

उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के मूल निवासी सुजीत चौधरी ने मछली पालन से अलग पहचान बनाई है. रायबरेली में मत्स्य पालन के क्षेत्र में काम कर रहे सुजीत ने योगी सरकार के इस विजन को धरातल पर उतारा है. उन्होंने साल 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में 9 सालों तक नौकरी की. इस दौरान 2019 में रायबरेली जनपद के महराजगंज क्षेत्र के गांव बल्ला में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर मत्स्य पालन की शुरुआत की थी. वर्तमान में वे इस क्षेत्र में 23 तालाबों के माध्यम से व्यावसायिक स्तर पर मछली उत्पादन कर रहे हैं. जहां वे प्रतिवर्ष लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और एक्सपोर्ट कर रहे है. आज सुजीत चौधरी का सालाना टर्नओवर लाखों में पहुंच गया है. 

अमेरिका में सुजीत ने की 9 सालों तक नौकरी

सुजीत चौधरी ने बताया कि साल 2005 में बीटेक की पढ़ाई पूरी और बाद में एक कंपनी के साथ जुड़ गए. साल 2007 में उन्हें कंपनी ने अमेरिका भेजा, जहां उन्होंने लगभग 9 वर्षों तक कार्य किया. उन्होंने बताया कि साल 2016 में वे भारत लौटे और नोएडा में एक सॉफ्टवेयर की शुरूआत की. सुजीत बताते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित उद्यम शुरू करने की दिशा में निर्णय लिया. इसी दौरान उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र में निवेश करने का फैसला किया. 

प्रतिवर्ष लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन

सुजीत ने बताया कि उन्होंने साल 2019 में रायबरेली जनपद के महराजगंज क्षेत्र के गांव बल्ला में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि लीज पर लेकर मत्स्य पालन की शुरुआत की थी. वर्तमान में वे इस क्षेत्र में 23 तालाबों के माध्यम से व्यावसायिक स्तर पर मछली उत्पादन कर रहे हैं. प्रतिवर्ष लगभग 500 से 600 टन मछली का उत्पादन और विपणन किया जाता है. उन्होंने बताया कि वे 50 से ज्यादा किसानों को साथ जोड़कर मत्स्य पालन से खुद के साथ- साथ दूसरों की भी आमदनी को बढ़ाने में जुटे हैं. सुजीत ने बिचौलियों से दूरी बनाकर खुद ही सीधे ग्राहकों से जुड़कर अपना कारोबार बढ़ाया है. वे खारे पानी में होने वाली समुद्री झींगा मछली का भी उत्पादन कर रहे हैं.

फिश हब के लिए खुलेंगे नए अवसर

रायबरेली जनपद में मछली पालन में काम करने वाले सुजीत ने आगे बताया कि मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021 में उन्हें 8.50 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ. इस सहायता ने उनके उद्यम के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. अब वह इसी क्षेत्र में एक फिश हब स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं.

सुजीत चौधरी ने खड़ा किया मत्स्य पालन का सफल उद्यम 

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित फिश हब में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रयोगशाला और मत्स्य पालन से संबंधित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने का लक्ष्य है, जिससे स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें. बता दें कि सुजीत चौधरी जैसे उद्यमियों की ऐसी पहल दर्शाती है कि सही नीतिगत सहयोग, तकनीकी ज्ञान और उद्यमशीलता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां विकसित की जा सकती हैं. यह मॉडल न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है.

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