Lake Rejuvenation: कर्नाटक में 500 झीलों का होगा कायाकल्प, 150 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Lake Rejuvenation: कर्नाटक में 500 झीलों का होगा कायाकल्प, 150 करोड़ रुपये होंगे खर्च

कर्नाटक सरकार सात जिलों की 500 झीलों के कायाकल्प के लिए 150 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम करेगी. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने झीलों से गाद निकालने, तटबंध और नहरों की मरम्मत सहित अन्य कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 22, 2026,
  • Updated Sep 22, 2026, 1:59 PM IST

कर्नाटक सरकार ने विश्व बैंक की सहायता से सात जिलों की 500 झीलों के कायाकल्प के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यापक परियोजना रिपोर्ट तैयार की है. ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने संबंधित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. मंत्री ईश्वर खंड्रे ने मंगलवार को विकास सौधा में जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. बैठक में सूखे जैसे हालात के बीच गांवों में पेयजल की स्थिति और जलस्रोतों के विकास पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि बारिश की कमी के कारण कई झीलें सूख गई हैं, इसलिए मौजूदा समय में झीलों और नहरों के पुनरुद्धार का काम किया जा सकता है.

गाद निकालने से लेकर तटबंध मरम्मत तक होंगे काम

विश्व बैंक सहायता प्राप्त इस कार्यक्रम के तहत झीलों से गाद निकालने, तटबंधों की मरम्मत और ऊंचाई बढ़ाने, सौंदर्यीकरण और नहरों की मरम्मत जैसे काम किए जाएंगे. इन कार्यों को केंद्र की ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना वीबी-जी राम जी के साथ समन्वय कर आगे बढ़ाया जाएगा.

बारिश हुई तो अगले गर्मी सीजन में मिल सकती है राहत

ईश्वर खंड्रे ने कहा, "अगर मानसून के बाद अच्छी बारिश होती है तो इन झीलों में पानी जमा होगा. इससे अगली गर्मियों में पैदा होने वाली पानी की कमी से निपटने में मदद मिलेगी. साथ ही मिट्टी में नमी और भूजल स्तर भी बेहतर होगा.". उन्होंने अधिकारियों से झीलों के पुनरुद्धार का काम तत्काल शुरू करने को कहा.

सात जिलों की 500 झीलें परियोजना में शामिल

परियोजना के तहत बेंगलुरु ग्रामीण में 68, बेंगलुरु शहरी में 67, बीदर में 44, चिक्कबल्लापुर में 90, कलबुर्गी में 49, तुमकुरु में 96 और कोलार में 86 झीलों के कायाकल्प की योजना बनाई गई है. इस तरह कुल 500 झीलों को परियोजना के दायरे में लिया गया है.

मंत्री ने जिला पंचायतों के सीईओ और पंचायत विकास अधिकारियों को सभी गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा. दूषित पानी की शिकायत मिलने पर अधिकारियों को जलस्रोत से लेकर घरों के नलों तक पूरी आपूर्ति व्यवस्था की जांच करने और सीवेज या गंदे पानी को पेयजल प्रणाली में मिलने से रोकने के उपाय करने को कहा.

रोजगार योजना के काम में तेजी लाने के निर्देश

ईश्वर खंड्रे ने बेंगलुरु, बेलगावी, उत्तर कन्नड़, धारवाड़ और कोडगु समेत कई जिलों में वीबी-जी राम जी के तहत काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए. इन जिलों में रोजगार के लिए बने मानव-दिवसों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है. उन्होंने अधिकारियों से योजना के तहत उपलब्ध रोजगार के अवसरों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा.

ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम के दायरे में अब राज्य की आवास योजनाओं को भी शामिल किए जाने का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने की गुंजाइश बढ़ी है. उन्होंने कहा कि इस अवसर का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए कि लोगों को रोजगार की तलाश में राज्य के किसी हिस्से से बाहर पलायन न करना पड़े.

15 दिन में मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

मंत्री ने वीबी-जी राम जी के तहत काम करने वाले मजदूरों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, "अगर मजदूरों को एक महीने बाद भी मजदूरी नहीं मिलेगी तो वे काम पर आना बंद कर देंगे और इससे इस कार्यक्रम का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा.". उन्होंने जिला पंचायतों के सीईओ को पंचायत विकास अधिकारियों और कोषागार अधिकारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा. (पीटीआई)

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