अब इंतज़ार है उस दिन का जब बिहार की मिट्टी से निकली ‘महानंदा लीफ’ की चाय हर घर तक पहुंचेगी और बिहार को एक नया स्वाद मिलेगा. दरअसल, अब किशनगंज की चाय को नया नाम और नई पहचान मिलने वाली है, क्योंकि पोठिया में महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की ओर से संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग यूनिट का शुभारंभ हो गया है.
इस इकाई का शुरू होना न सिर्फ जिले के चाय पत्ती उत्पादकों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि बिचौलियों से भी मुक्ति दिलाएगा. साथ ही चाय उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिलेगा. बता दें कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जिम्मेदारी खुद जीविका दीदियों को दी गई है. यानी अब उत्पादन से लेकर पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की पूरी कमान दीदियों के हाथों में होगी.
अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जीविका, अभिलाषा कुमारी शर्मा ने कहा कि अब हमारी दीदियां अपनी फैक्ट्री चलाएंगी. वहीं, आने वाले समय में ‘महानंदा लीफ’ ब्रांड के नाम से तैयार चाय देश-विदेश में अपनी पहचान बनाएगी. यह कदम दीदियों और किसानों के लिए आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होने का मजबूत आधार बनेगा.
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि यह इकाई पहले स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत बनाई गई थी. राज्य मंत्रिपरिषद ने इसे जीविका को हस्तांतरित किया है, जो किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा. कार्यक्रम में दीदियों को सामुदायिक निवेश निधि, बैंक लिंकेज और इंडिविजुअल इंटरप्राइज के लिए चेक दिए गए. वहीं ‘दीदी अधिकार केंद्र’ की शुरुआत के लिए सांकेतिक चाभी सौंपी गई.
स्थानीय किसान शिखा और आरती दीदी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के गठन से हमें अपने उत्पाद का सही दाम मिल रहा है, अब हमें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है, जिससे जीविका दीदियों को न केवल नई पहचान मिलेगी बल्कि किशनगंज की चाय को भी नया आयाम मिलेगा.