
राजस्थान सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और दलहन फसलों में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य में केंद्र सरकार के 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' को आगे बढ़ाने के क्रम में दलहन प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और पैकेजिंग यूनिट्स लगाने के लिए सब्सिडी योजना लाई गई है. राज्य के कृषि आयुक्तालय, पंत कृषि भवन, जयपुर ने सोमवार को योजना से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर किए हैं. इस योजना के तहत किसान उत्पादक संगठनों (FPO), प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF), कोई पंजीकृत संस्था और व्यक्तिगत आवेदक को नई प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर अधिकतम 25 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद यानी सब्सिडी मिलेगी. राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में 37 जिलों में एक-एक नई यूनिट लगाने करने का लक्ष्य रखा है.
इस योजना का उद्येश्य दलहन फसलों की कटाई के बाद लोकल लेवल पर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की सुविधा बढ़ाना है, ताकि किसानों को कच्चा माल बेचने के बजाय वैल्यूएडेड उत्पाद बेचने का मौका मिले. इससे किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश की आयातित दलहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. प्रोसेसिंग यूनिट बनने से सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में गांवों में भी रोजगार बढ़ेगा, जिसमें युवाओं और महिलाओं को मौका मिलेगा.
इस योजना के तहत निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक आवेदन कर सकते हैं.
कृषि आयुक्तालय के अनुसार, योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किए जाएंगे. जिला स्तर पर गठित दलहन मिशन जिला संचालन समिति (DSCP) आवेदन आमंत्रित करेगी. आवेदन की जानकारी न्यूज पेपर्स, ऑनलाइन पोर्टल और सोशल मीडिया के माध्यम से जारी होगी. आवेदन जमा करने के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद कम से कम 30 दिन का समय दिया जाएगा. वहीं, कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के पात्र आवेदकों को AIF पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन करना होगा.
जिला स्तर की समिति आवेदनों की जांच करेगी. चयन के दौरान इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
दलहन मूल्य श्रृंखला से जुड़ाव
परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता
प्रस्तावित मशीनरी और तकनीक
आवेदक का अनुभव और रिकॉर्ड
स्थानीय दलहन उत्पादन से परियोजना का जुड़ाव
हालांकि, राज्य सरकार ने साफ किया है कि दलहन उत्पादन करने वाले FPO, PACS और CLF को प्राथमिकता दी जाएगी.
सरकार मशीनरी और आधारभूत ढांचे पर सहायता देगी. इसमें निम्न चीजें शामिल हैं.
दिशा-निर्दशों की शर्तों के अनुसार, इन मदों पर सब्सिडी नहीं मिलेगी.
हां, योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक लोन अनिवार्य रखा गया है. आवेदक को कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं निवेश करना होगा. बाकी राशि बैंक लोन, AIF या अन्य सरकारी योजनाओं से जुटाई जा सकती है.
जिला समिति द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी. कुल सहायता राशि (सब्सिडी) का 50 प्रतिशत मशीनरी और भवन निर्माण पूरा होने के बाद मिलेगा. वहीं, शेष 50 प्रतिशत परियोजना के सफल संचालन के बाद जारी किया जाएगा.
योजना का लाभ लेने वाले सभी आवेदकों को...
राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 37 जिलों में एक-एक दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई लगाने करने का लक्ष्य रखा है. हर जिले के लिए 25 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है. इस तरह कुल 37 यूनिट्स के लिए 9.25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.