किसानों के लिए अलर्ट! फसल बीमा योजना में नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक, जल्द करें रजिस्ट्रेशन

किसानों के लिए अलर्ट! फसल बीमा योजना में नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक, जल्द करें रजिस्ट्रेशन

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने किसानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन जरूर करें. यह योजना प्राकृतिक आपदाओं, बारिश, सूखा और अन्य जोखिमों से फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा देती है. किसानों को कम प्रीमियम पर बीमा कवर मिलेगा, जिससे उनकी आय सुरक्षित रहेगी.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 05, 2026,
  • Updated Jul 05, 2026, 10:16 AM IST

महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने शनिवार को राज्य के किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए समय पर फसल बीमा योजना में नामांकन जरूर कर लें. उन्होंने साफ कहा कि किसानों को 31 जुलाई तक हर हाल में इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन पूरा करना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई मिल सके.

फसल नुकसान से सुरक्षा देती है यह योजना

सरकारी जानकारी के अनुसार यह योजना किसानों को बारिश की कमी, अत्यधिक बारिश, सूखा, और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा देती है. इस योजना के तहत अगर किसी क्षेत्र में किसी नोटिफाइड फसल की औसत पैदावार तय सीमा से कम हो जाती है, तो किसानों को बीमा मुआवजा दिया जाता है. यह व्यवस्था किसानों की आय को स्थिर रखने में मदद करती है.

यह योजना Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत लागू की गई है, जो देशभर में किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है.

किन फसलों को मिला है बीमा कवर

इस योजना में कुल 14 खरीफ फसलों को शामिल किया गया है. इनमें धान, ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, उड़द, तूर, मक्का, मूंगफली, तिल, सोयाबीन, कपास और प्याज जैसी प्रमुख फसलें शामिल हैं. इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को इस योजना का लाभ मिल सकता है.

कितना देना होगा प्रीमियम

सरकारी नियमों के अनुसार अनाज, दलहन और तिलहन जैसी फसलों पर किसानों को बीमा राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा. वहीं कपास और प्याज जैसी व्यावसायिक फसलों के लिए किसानों को 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा. बाकी प्रीमियम सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम पड़ता है.

कैसे करें आवेदन और क्या हैं जरूरी दस्तावेज

किसान इस योजना के लिए राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP), बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए किसानों के पास एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन नंबर, जमीन के कागजात, बुवाई की घोषणा, आधार से लिंक बैंक खाता और डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा होना जरूरी है.

मंत्री की चेतावनी और अंतिम तारीख

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई किसान गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने की कोशिश करता है, तो उसे 5 साल तक कृषि विभाग की योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण खेती का जोखिम बढ़ गया है, इसलिए सभी पात्र किसानों को समय रहते इस योजना में जरूर जुड़ना चाहिए.

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