
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना 2026 में अहम बदलावों को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐसी शर्तें हटा दी गईं, जिनकी वजह से बड़ी संख्या में किसान योजना के दायरे से बाहर रह गए थे. राज्य सरकार ने कहा कि इन बदलावों के बाद राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लगभग 36,585 करोड़ रुपये की मदद मिलेगी. कैबिनेट ने वर्ष 2019 की कर्जमाफी योजना से जुड़े लाभार्थियों पर लागू 50 हजार रुपये की सीमा समाप्त कर दी है. इस फैसले से करीब 13 लाख किसानों को फायदा होगा. अब योजना की शर्तों के अनुसार, ऐसे किसान भी 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ ले सकेंगे.
सरकार ने वह शर्त भी हटा दी है, जिसके तहत किसानों को प्रोत्साहन राशि पाने के लिए वर्ष 2026-27 में नया फसल लोन लेना और समय पर उसका भुगतान करना जरूरी था. अब जिन किसानों ने वर्ष 2025-26 में ही अपने लोन का समय पर भुगतान किया है, उन्हें भी प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा. इस बदलाव से करीब 23 लाख किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह देश की सबसे बड़ी किसान कर्जमाफी योजना है. उन्होंने बताया कि पहले की योजनाओं में जिन किसानों को कुछ शर्तों के कारण प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाई थी, उन्हें भी अब योजना में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि महायुति विधायकों की मांग पर प्रभावित किसानों के लिए 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी का रास्ता भी साफ किया गया है.
कैबिनेट ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की अतिरिक्त जमीन के विकास को भी मंजूरी दी है. इसके लिए इन परियोजनाओं को राज्य की पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) नीति से छूट दी गई है, ताकि मंजूरी की प्रक्रिया तेज हो सके. हालांकि, अंतिम स्वीकृति राज्य सरकार ही देगी और पूरी प्रक्रिया परिवहन मंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की निगरानी में होगी.
MSRTC के पास राज्यभर में करीब 850 स्थानों पर लगभग 3,500 एकड़ जमीन है, जिनमें कई भूखंड प्रमुख शहरों में स्थित हैं. राज्य सरकार इन जमीनों को लंबी अवधि की लीज पर देकर व्यावसायिक, आवासीय, मिश्रित इस्तेमाल और औद्योगिक परियोजनाएं विकसित करना चाहती है. इससे आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवहन निगम के लिए आय का स्थायी सोर्स तैयार करने की योजना है. अब तक 213 स्थानों के पुनर्विकास के प्रस्ताव तैयार किए जा चुके हैं.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि MSRTC की एक भी जमीन नहीं बेची जाएगी. सभी भूखंडों का स्वामित्व निगम के पास ही रहेगा और केवल लंबी अवधि की लीज के माध्यम से उनका विकास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है.
बैठक में केंद्र प्रायोजित अर्बन चैलेंज फंड को राज्य में लागू करने, शहरी निकायों के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण नीति को मंजूरी देने, बीड में 24.95 करोड़ रुपये की खेल अवसंरचना परियोजनाओं को स्वीकृति देने और रिहा कैदियों के पुनर्वास अनुदान को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का फैसला भी लिया गया. इसके अलावा पालघर जिले के डापचरी में अंतरराष्ट्रीय कृषि बाजार के लिए भूमि हस्तांतरण और दूसरे राज्यों से आने वाले लघु खनिजों पर नियामकीय शुल्क लगाने संबंधी संशोधनों को भी मंजूरी दी गई. (पीटीआई)