बिहार में बंद चीनी मिलें फिर होंगी शुरू? सकरी-रैयाम में सहकारी मॉडल पर नई मिलों की तैयारी तेज

बिहार में बंद चीनी मिलें फिर होंगी शुरू? सकरी-रैयाम में सहकारी मॉडल पर नई मिलों की तैयारी तेज

बिहार में बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में सहकारी मॉडल पर नई मिलें स्थापित करने को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई. NFCSF और इंडियन पोटाश लिमिटेड ने सहयोग का भरोसा दिया, गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा.

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अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Feb 11, 2026,
  • Updated Feb 11, 2026, 6:22 PM IST

बिहार में बंद चीनी मिलों को फिर शुरू करने और नई चीनी मिलों की स्थापना के संबंध में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF) और इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ-साथ गन्ना उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया. सहकारी मॉडल के माध्यम से राज्य के गन्ना किसानों और उद्यमियों के हित में नई चीनी मिलें स्थापित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया.

बैठक में NFCSF के प्रबंध निदेशक ने बिहार सरकार द्वारा चीनी उद्योग को फिर शुरू के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य में चीनी मिल स्थापित करने में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने कहा कि NFCSF राज्य सरकार के सहयोग से जल्द ही डीपीआर प्रस्तुत करेगा. वहीं इंडियन पोटास लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक ने सहकारी-सह-निजी (कोऑपरेटिव-कम-प्राइवेट) मॉडल के तहत चीनी मिलों की स्थापना का प्रस्ताव रखा.

सकरी–रैयाम में सहकारी चीनी मिलों पर काम तेज

बैठक के दौरान विकास आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सकरी (मधुबनी) और रैयाम (दरभंगा) में सहकारी मॉडल पर चीनी मिलों की स्थापना की प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाए. उन्होंने सहकारिता विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई जल्द सुनिश्चित की जाए. 

बैठक में बसंतकालीन और शरदकालीन बुआई सत्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति और वर्षा ऋतु के दौरान जल-जमाव की समस्या के समाधान पर भी गंभीर चर्चा हुई, ताकि प्रस्तावित चीनी मिलों के लिए पर्याप्त गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.  बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव मयंक वरवडे, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, लघु जल संसाधन विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे.

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