UGC Guideline: उत्तर प्रदेश में किसान और जनता का बड़ा विरोध, यूजीसी गाइडलाइन पर गुस्सा

UGC Guideline: उत्तर प्रदेश में किसान और जनता का बड़ा विरोध, यूजीसी गाइडलाइन पर गुस्सा

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोग और किसान संगठन यूजीसी गाइडलाइन के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार को ज्ञापन देकर कहा कि यह गाइडलाइन समाज और छात्रों के लिए हानिकारक है. युवा और किसान इसे खत्म करने या इसमें संशोधन करने की मांग कर रहे हैं.

यूजीसी गाइडलाइन में बदलाव या खत्म करने की अपीलयूजीसी गाइडलाइन में बदलाव या खत्म करने की अपील
क‍िसान तक
  • Amethi,
  • Jan 28, 2026,
  • Updated Jan 28, 2026, 5:05 PM IST

हाल ही में सरकार ने एक नया यूजीसी गाइडलाइन बनाया. यह गाइडलाइन शिक्षा से जुड़ा है और इसका असर छात्रों, युवाओं और समाज के अलग-अलग लोगों पर पड़ सकता है. कई लोग मानते हैं कि यह गाइडलाइन सभी के लिए सही नहीं है. कुछ लोग इसे “काला कानून” भी कहते हैं. लोग सोचते हैं कि यह गाइडलाइन कुछ वर्गों को नीचा दिखा सकता है और समाज में असमानता बढ़ा सकता है.

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में प्रदर्शन

आज उत्तर प्रदेश के कई शहरों और गांवों में लोग सड़क पर उतरकर UGC गाइडलाइन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. लोग सरकार को ज्ञापन दे रहे हैं और कह रहे हैं कि यह गाइडलाइन सही नहीं है. उनका कहना है कि इस गाइडलाइन से आम लोगों और खासकर किसानों को नुकसान होगा.

किसान संगठन का विरोध

सवर्ण आर्मी और किसान मजदूर सेवा संस्थान संगठन के लोग भी इस गाइडलाइन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. किसान संगठन के नेताओं का कहना है कि यह गाइडलाइन किसानों और आम लोगों के लिए हानिकारक है. उन्होंने कहा कि इस गाइडलाइन से देश और सरकार दोनों को नुकसान होगा. किसान नेताओं ने जोर देकर कहा कि इसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित रहें और किसी पर अन्याय न हो.

क्या है आम लोगों की प्रतिक्रिया

कुछ लोग इस गाइडलाइन के खिलाफ अपनी भावनाओं को बहुत ही जोर से व्यक्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह गाइडलाइन भारत के लोगों के लिए खतरनाक है. कुछ ने इसे अंग्रेजों के समय से भी बड़ा अन्याय बताया. उनका कहना है कि यह गाइडलाइन हमारे बच्चों के भविष्य और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है. लोग कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो वे अपने लिए और अपने बच्चों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं.

युवाओं की आवाज

कई युवा भी इस गाइडलाइन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं. उन्होंने कहा कि सवर्ण वर्ग को नीचा दिखाने की योजना बनाई जा रही है. युवा नेताओं का कहना है कि अगर सरकार इस गाइडलाइन में बदलाव नहीं करती है, तो वे इसे खत्म कराने के लिए जोरदार विरोध करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए और गाइडलाइन में सुधार करना चाहिए.

लोगों की मांग

इस विरोध का सबसे बड़ा उद्देश्य है कि यह गाइडलाइन या तो समाप्त किया जाए या इसमें संशोधन किया जाए. लोग चाहते हैं कि समाज में किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और सभी को समान अधिकार मिलें. प्रदर्शन में आए लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि वह जनता की आवाज सुने और इस गाइडलाइन को सुरक्षित तरीके से खत्म करे.

आज उत्तर प्रदेश में लोग, किसान संगठन और युवा मिलकर एक आवाज बुलंद कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह गाइडलाइन समाज और देश के लिए सही नहीं है. लोग चाहते हैं कि सरकार जनता की बात सुने और इसे खत्म करे. यह आंदोलन दिखाता है कि जब लोग मिलकर किसी अन्याय के खिलाफ खड़े होते हैं, तो उनका संदेश सरकार तक आसानी से पहुंचता है. (अभिषेक कुमार त्रिपाठी का इनपुट)

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