12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल और सड़क जाम, ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों का बड़ा ऐलान

12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल और सड़क जाम, ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों का बड़ा ऐलान

चार लेबर कोड, बिजली संशोधन विधेयक और किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा और सेंट्रल ट्रेड यूनियनों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन.

Himachal Farmers ProtestHimachal Farmers Protest
क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Jan 23, 2026,
  • Updated Jan 23, 2026, 7:13 PM IST

सेंट्रल ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने 12 फरवरी को पूरे भारत में आम हड़ताल और सड़क जाम करने का ऐलान किया है. संगठनों का कहना है कि वे केंद्र सरकार की "मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और लोकतंत्र-विरोधी नीतियों" का विरोध कर रहे हैं. 

यह फैसला शुक्रवार को तिरुचि के थेन्नूर उझावर संधाई में सेंट्रल ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की ओर से आयोजित एक तैयारी राज्य सम्मेलन में दोहराया गया.

हड़ताल में ये संगठन शामिल

इसमें सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), हिंद मजदूर सभा (HMS), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU), LPF और UTUC सहित प्रमुख ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. 'दि हिंदू' ने एक रिपोर्ट में जानकारी दी.

क्या है किसानों की मांग

सभा को संबोधित करते हुए के. नटराजन (LPF), ए. सुंदरराजन (CITU), एम. सुब्रमणि (HMS), टी.एम. मूर्ति (AITUC) और डी.वी. जेवियर (INTUC) जैसे वक्ताओं ने चार लेबर कोड वापस लेने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि 29 श्रम कानूनों को चार कोड में बदलने से लगभग 80% मजदूर कानूनी सुरक्षा से वंचित हो गए हैं और बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा हुआ है.

उन्होंने बिजली (संशोधन) विधेयक, 2025 और परमाणु ऊर्जा (संशोधन) विधेयक को रद्द करने की मांग की, यह आरोप लगाते हुए कि इससे बिजली उत्पादन और वितरण का निजीकरण होगा, जिससे किसानों और छोटे उपभोक्ताओं पर बुरा असर पड़ेगा. अन्य मांगों में हालिया लेबर कोड नोटिफिकेशन वापस लेना, बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के प्रस्ताव को रद्द करना, फसलों के लिए कानूनी न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करना, प्रस्तावित बीज विधेयक को वापस लेना और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को उसके मूल रूप में बहाल करना शामिल है.

SKM के राज्य समन्वयक के. बालकृष्णन ने कहा कि हड़ताल से पहले मजदूर और किसान मिलकर सभी जिलों में लामबंदी करेंगे.

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