Farmers Protest: नाशिक में किसानों का मार्च, सरकार से मांगों की गूंज हुई और तेज

Farmers Protest: नाशिक में किसानों का मार्च, सरकार से मांगों की गूंज हुई और तेज

CPI(M) और ऑल इंडिया किसान सभा की लीडरशिप में, 55,000 किसानों ने नासिक में एक बड़ा मार्च निकाला. किसान अपने अधिकारों की मांग के लिए एक साथ आए. मुख्य मुद्दों में फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (FRA), PESA (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरियाज़ एक्ट), सिंचाई योजनाएं, स्कूलों में खाली पदों को भरना और केंद्र और राज्य सरकारों की कॉर्पोरेट नीतियों का विरोध करना शामिल था. यह मार्च पालघर में शुरू हुए किसानों के संघर्षों की कड़ी को आगे बढ़ाता है.

किसानों का नाशिक मार्च (AI Image)किसानों का नाशिक मार्च (AI Image)
क‍िसान तक
  • Noida ,
  • Jan 25, 2026,
  • Updated Jan 25, 2026, 5:54 PM IST

21 जनवरी को हुए पालघर में 50,000 लोगों के सफल मार्च के बाद, आज यानी 25 जनवरी को नासिक में 55,000 किसानों का एक और बड़ा मार्च शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) और अखिल भारतीय किसान सभा ने किया. यह किसानों का मार्च किसानों के अधिकारों और समस्याओं को उजागर करने के लिए आयोजित किया गया था.

मार्च का नेता

इस मार्च का नेतृत्व माकप और किसान सभा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया जा रहा है. इसमें डॉ. अशोक ढवळे, जे. पी. गावीत, डॉ. अजित नवले, डॉ. डी. एल. कराड, इंद्रजित गावीत, उमेश देशमुख और अन्य कई नेता शामिल हैं. ये सभी किसान आंदोलनों और उनके हक की लड़ाई के लिए जाने जाते हैं.

क्या है किसानों का मुद्दा

मार्च में दो मुख्य मुद्दों को लेकर किसानों ने अपनी आवाज उठाई. पहला मुद्दा वनाधिकार कानून (FRA), पेसा (PESA), सिंचाई योजनाएं, और जिल्हा परिषद की स्कूलों में खाली पदों को भरने के आश्वासनों को पूरा न करना है. किसान चाहते हैं कि सरकार अपने वादों को पूरा करे.

दूसरा मुद्दा केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों से जुड़ा है. इसमें स्मार्ट मीटर योजना, मनरेगा और ग्रामीण रोजगार की योजनाओं में बाधाएं, सरकार और कॉर्पोरेट के बीच भूमि कब्जे की घटनाएं और चार श्रम संहिता लागू करना शामिल है. किसान इन नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

किसानों की एकजुटता

पालघर और नाशिक के किसान मार्च से यह साबित होता है कि किसानों की एकजुटता और उनकी आवाज़ बहुत मजबूत है. यह मार्च किसानों के हक और उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है.

इस तरह, नाशिक में शुरू हुआ यह भव्य किसान मार्च किसानों की समस्याओं और उनके अधिकारों की लड़ाई में एक नया अध्याय साबित हो रहा है.

ये भी पढ़ें: 

Mann Ki Baat: सेहत भी, रोजगार भी, पीएम मोदी ने गिनाए मिलेट्स के फायदे
अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई, यहां नष्ट की गई 8 एकड़ फसल

MORE NEWS

Read more!