जमीन अध‍िग्रहण मामला: नोएडा के किसानों से बोले राकेश टिकैत- विरोध तेज करें, अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता

जमीन अध‍िग्रहण मामला: नोएडा के किसानों से बोले राकेश टिकैत- विरोध तेज करें, अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता

नोएडा में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आंदोलन तेज करने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसानों के सामने अब संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है और संगठन उनके साथ खड़ा है.

BKU Leader Rakesh Tikait's appeal to Noida farmersBKU Leader Rakesh Tikait's appeal to Noida farmers
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 15, 2026,
  • Updated Sep 15, 2026, 11:26 AM IST

गौतम बुद्ध नगर में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सोमवार, 14 सितंबर को किसान महापंचायत में हिस्सा लिया. उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA), ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) और नोएडा प्राधिकरण के कार्यालयों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की और आंदोलन जारी रखने की अपील की.

किसानों से बोले- संघर्ष ही अब एकमात्र विकल्प

राकेश टिकैत ने प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर वे अपने स्थानीय प्राधिकरण के कार्यालय में प्रवेश नहीं कर सकते, अधिकारियों से मुलाकात नहीं कर सकते और अपनी समस्याएं नहीं रख सकते, तो क्या वे बंधक या कैदी हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में संघर्ष ही उनके सामने बचा एकमात्र रास्ता है.

BKU के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने किसानों को संगठन के समर्थन का भरोसा दिलाया और उनसे प्रदर्शन स्थलों पर डटे रहने को कहा. उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे जो करे, किसानों को संघर्ष करना होगा और वह उनके साथ खड़े रहेंगे.

विकसित आवासीय प्लॉट और अतिरिक्त मुआवजे की मांग

गौतम बुद्ध नगर के किसान विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत जमीन के बदले विकसित आवासीय भूखंड और बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं. उनकी प्रमुख मांगों में अधिग्रहीत जमीन के बदले 10 प्रतिशत विकसित आबादी प्लॉट, 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, आवासीय भूखंडों के इस्तेमाल में अधिक छूट और गांवों में आबादी की जमीन बढ़ाना शामिल है.

‘पहले बातचीत से सुलझते थे मुद्दे, अब संघर्ष का समय’

राकेश टिकैत ने कहा कि पहले किसानों के आंदोलन कई बार बातचीत के जरिए सुलझ जाते थे और सरकार भी ऐसे प्रयासों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देती थी. उन्होंने कहा कि अब वह स्थिति नहीं रही है. उनके मुताबिक, अब लोगों को अपने मुद्दों के समाधान के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा.

महापंचायत से पहले गांव-गांव संपर्क अभियान चलाया

BKU के राष्ट्रीय महासचिव पवन खटाना ने बताया कि 14 सितंबर को राकेश टिकैत के नेतृत्व में होने वाली किसान महापंचायत से पहले किसानों ने बैठकें कीं और गांव-गांव जाकर संपर्क अभियान चलाया. टिकैत ने महापंचायत के दौरान तीनों प्राधिकरण कार्यालयों पर किसानों के प्रदर्शन स्थलों का दौरा किया, उनके साथ मंच पर बैठे और BKU के समर्थन का भरोसा दिलाया.

उधर, पंजाब में भी किसानों ने बीते दिनों मंत्रियों और स्‍पीकर के आवासों के बाहर धरना दिया. किसानों ने अपनी कई पुरानी मांगों पूरा करने के लिए विरोध-प्रदर्शन किया. उन्‍होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे आंदोलन तेज करेंगे.(पीटीआई)

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