
पंजाब में धान की खरीद को लेकर किसानों की परेशानी का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि किसानों को अपनी धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP से करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है. बाजवा के मुताबिक, खरीद में आ रही दिक्कतों और फसल पर की जा रही कटौती से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है.
प्रताप सिंह बाजवा ने शनिवार को गुरदासपुर जिले की कादियां, धारीवाल, कहनुवान और भैनी मियान खान अनाज मंडियों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने किसानों से मुलाकात की और धान की खरीद, फसल के दाम और कटौती से जुड़ी उनकी समस्याएं सुनीं.
बाजवा ने आरोप लगाया कि मौजूदा धान खरीद सीजन में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. उनके अनुसार, किसानों पर MSP से करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत स्वीकार करने का दबाव है. उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. बाजवा का कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और खरीद प्रक्रिया में किसी तरह की मनमानी न हो.
कांग्रेस नेता ने धान की फसल में नमी को लेकर की जा रही कटौती पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि धान में नमी की मात्रा निर्धारित 17 प्रतिशत की सीमा से अधिक होने पर किसानों को 25 रुपये प्रति क्विंटल तक की कटौती करनी पड़ रही है. बाजवा के मुताबिक, इस तरह की कटौती से किसानों की परेशानी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को पारदर्शी तरीके से फसल बेचने का मौका मिलना चाहिए और भुगतान भी समय पर होना चाहिए.
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कुछ किसान कम समय में तैयार होने वाली, अधिक पैदावार देने वाली और पानी की कम जरूरत वाली धान की किस्में उगा रहे हैं. इससे पंजाब में तेजी से घटते भूजल स्तर को बचाने में मदद मिल सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तरीकों को अपनाने के बावजूद किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है. बाजवा ने कहा कि किसानों से पानी बचाने की उम्मीद करने के साथ यह भी जरूरी है कि उन्हें उनकी फसल का सही दाम मिले.
बाजवा ने पंजाब सरकार से धान खरीद के मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की. उन्होंने कहा कि किसानों को पूरा MSP मिलना चाहिए, अनुचित कटौती रोकी जानी चाहिए और राज्य की सभी अनाज मंडियों में खरीद का काम सुचारु और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. हालांकि, MSP से कम कीमत पर बिक्री और कटौती को लेकर किए गए ये दावे प्रताप सिंह बाजवा के बयान पर आधारित हैं. इनकी स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित मंडियों और खरीद एजेंसियों के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. (PTI)