
पाकिस्तान और सऊदी अरब ने कृषि और खाद्य कारोबार को बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. दोनों देशों ने सहमति जताई है कि अगले दो साल में पाकिस्तान से सऊदी अरब को होने वाले कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ाकर 3 अरब डॉलर तक किया जाएगा. इस समझौते से पाकिस्तान के किसानों, पशुपालकों और कृषि कारोबार से जुड़े लोगों को नए बाजार मिलने की उम्मीद है. दोनों देशों ने कुछ खास कृषि उत्पादों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. इनमें चावल, लाल मांस, फल, फलों से बने उत्पाद, हरा चारा और पानी बचाने वाली खेती की तकनीक शामिल हैं. इन क्षेत्रों में खास तौर पर दोनों देशों की निजी कंपनियों के बीच कारोबार बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
पाकिस्तान पहले से ही सऊदी अरब को बड़ी मात्रा में चावल भेजता है. साल 2025 में पाकिस्तान ने सऊदी अरब को करीब 1.69 लाख टन चावल निर्यात किया, जिसकी कीमत लगभग 16.3 करोड़ डॉलर थी. सऊदी अरब आने वाले वर्षों में पाकिस्तान से चावल की खरीद और बढ़ाना चाहता है.
पाकिस्तान सऊदी अरब को हर साल करीब 30 हजार टन लाल मांस भी निर्यात करता है. इसकी कीमत लगभग 16.7 करोड़ डॉलर बताई गई है. दोनों देश इस कारोबार को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं. इसके अलावा फलों और फलों से बने उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए दोनों देशों की कंपनियों के बीच सीधी बातचीत और व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा. गुणवत्ता से जुड़े प्रमाणपत्रों को एक-दूसरे के यहां मान्यता देने पर भी काम किया जाएगा. इससे कारोबारियों के लिए निर्यात करना आसान हो सकता है.
सऊदी अरब में पशुपालन के लिए हरे चारे की जरूरत को देखते हुए ग्रीन फोडर यानी हरे चारे को भी व्यापार के अहम क्षेत्र के रूप में चुना गया है. दोनों देश लंबे समय के लिए चारे की सप्लाई की व्यवस्था बनाने पर काम करेंगे. इससे पाकिस्तान के कृषि और पशुपालन कारोबार को नया बाजार मिल सकता है.
दोनों देशों ने खेती में पानी की बचत वाली तकनीकों पर भी सहयोग बढ़ाने की बात कही है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के भक्कर में पानी की कम खपत वाली सिंचाई योजना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. अब छोटे किसानों के लिए इस योजना का दूसरा चरण शुरू करने में भी सऊदी अरब ने रुचि दिखाई है. आसान शब्दों में कहें तो ऐसी तकनीकों का मकसद कम पानी में फसल की अच्छी पैदावार हासिल करना है.
पाकिस्तान और सऊदी अरब ने दोनों देशों की निजी कंपनियों को एक-दूसरे के साथ कारोबार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई है. पाकिस्तान के निजी क्षेत्र की ओर से पशुपालन, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और चावल के कारोबार से जुड़े निवेश प्रस्ताव भी सऊदी प्रतिनिधिमंडल के सामने रखे गए. सऊदी अरब ने पाकिस्तान को इंटरनेशनल डेट्स काउंसिल यानी खजूर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया है.
पाकिस्तान ने सऊदी एग्रीकल्चर एग्जिबिशन में हिस्सा लेने का निमंत्रण भी स्वीकार किया है. यह प्रदर्शनी 19 से 22 अक्टूबर तक रियाद में आयोजित होगी. यहां दोनों देशों की कृषि कंपनियों को नए व्यापारिक अवसर तलाशने का मौका मिल सकता है.
पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच कृषि कारोबार बढ़ने से पाकिस्तान के किसानों और कृषि कारोबारियों को बड़ा बाजार मिल सकता है. चावल, मांस, फल, चारा और कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ने से देश को विदेशी मुद्रा भी मिलेगी. दोनों देशों ने अगले दो साल में 3 अरब डॉलर के कृषि और खाद्य निर्यात का लक्ष्य रखा है और अब इस समझौते को जमीन पर लागू करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी है.
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