Punjab Farmers Protest: फरीदकोट में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू, 194 किसानों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा संघर्ष

Punjab Farmers Protest: फरीदकोट में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू, 194 किसानों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा संघर्ष

पंजाब के फरीदकोट में 194 किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) ने 'जेल भरो आंदोलन' शुरू कर दिया है. वहीं संगरूर में MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और अन्य मांगों को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन मोर्चा जारी है.

प्रेम पासी
  • फरीदकोट/संगरूर,
  • Aug 31, 2026,
  • Updated Aug 31, 2026, 6:58 PM IST

पंजाब के जिला फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) द्वारा फरीदकोट में करीब 5 महीने से फरीदकोट को-ऑपरेटिव बैंक के बाहर दो किसानों की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर धरना लगातार जारी है. बीते दिन शनिवार को राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन के दौरान करीब 194 किसानों को पुलिस ने जबरन उठा उठा कर हिरासत में लिया. सभी को पुलिस लाइन भेजा था, जिन्हें देर रात केंद्रीय जेल ट्रांसफर कर दिया गया.

पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) ने 'जेल भरो आंदोलन' का ऐलान किया है, जिसके तहत रोजाना अब 21 किसान अपनी गिरफ्तारी देंगे. और इसी कड़ी में सोमवार को यूनियन के सचिव इंद्रजीत सिंह घनिया की अगुवाई में को-ऑपरेटिव बैंक से लेकर एसडीएम दफ्तर तक रोष मार्च निकाला गया. इस प्रदर्शन के दौरान 21 किसानों ने अपनी गिरफ्तारी दी. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार के आगे झुकने वाले नहीं हैं. इंद्रजीत सिंह घनिया ने कहा कि जब तक पीड़ित किसानों को न्याय नहीं मिलता और सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक यह संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा.

194 किसानों को हिरासत में लिया

29 अगस्त को राज्य स्तरीय रोष मार्च से पहले किसान नेता समेत 194 किसानों को हिरासत में लिया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. इनमें से 145 किसानों को फरीदकोट जेल, जबकि 49 किसानों को बठिंडा जेल भेजा गया है.

किसान संगठन पिछले पांच महीनों से लैंड मॉर्गेज बैंक के बाहर प्रदर्शन कर रहा है. किसानों की मुख्य मांगों में OTS स्कीम लागू करना, किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करना और दूसरी मांगें शामिल हैं. किसान संगठन ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी मांगों का हल नहीं हुआ तो वे 29 अगस्त को फरीदकोट में राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन करेंगे और सड़कें और रेलवे ट्रैक जाम करेंगे. इस विरोध प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए इसकी तैयारी कर रहे किसानों को हिरासत में ले लिया था. जेल भरो आंदोलन में अब तक करीब 236 किसानों को जेल भेजा जा चुका है.

किसानों ने कहा कि सरकार की धक्के शाही हो रही है और किसानों की मांगें नहीं मानी जा रही है. बैंक अपनी मनमानी कर रहे हैं, किसानों के लोन के खाली चेक बैंक वापस नहीं कर रहे हैं जिस वजह से फरीदकोट के दो किसानों ने आत्महत्या भी कर ली थी. उसके बाद से ही भारतीय किसान यूनियन सिद्धपुर ने लगातार बैंक के बाहर धरना लगा रखा है कि जब तक किसानों को इंसाफ नहीं मिलता और बैंक चेक वापस नहीं करता, तब तक यह धरना नहीं उठाया जाएगा.

किसानों का कहना है, कई बार पंजाब विधानसभा स्पीकर से इस मामले में बातचीत भी हो चुकी है मगर कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद मजबूरन किसानों को धरना प्रदर्शन करना पड़ा. किसानों ने कहा, पुलिस ने हमारे कई किसान भाइयों को जबरन गिरफ्तार किया और जेल भेजा. इसलिए हम किसान यूनियन ने यह फैसला किया है कि अब हम जेल भरो आंदोलन के जरिए अपना रोष जताएंगे और हर रोज 21 किसान खुद गिरफ्तारियां देंगे.

संगरूर में भी किसानों का आंदोलन

संगरूर में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है. एक तरफ भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से 30 अगस्त से डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन पक्का मोर्चा जारी है. वहीं आज भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने भी डीसी कार्यालय के गेट नंबर-2 के बाहर एक दिवसीय धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. इसके अलावा किसान मजदूर मोर्चा की ओर से भी पंजाब भर के डीसी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था.

संगरूर में चल रहे उगराहां के मोर्चे की ड्रोन तस्वीरें धरने की विशालता को साफ तौर पर दिखा रही हैं. डीसी कार्यालय के दोनों गेटों के बाहर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं. किसान इन्हीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अस्थायी घर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. यहां खाना बनाने से लेकर रात गुजारने तक का इंतजाम किसानों ने अपने स्तर पर किया हुआ है.

ड्रोन कैमरे से सामने आई तस्वीरों में सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें और विशाल मंच के सामने बड़ी संख्या में मौजूद किसान दिखाई दे रहे हैं. किसान नेताओं के अनुसार यह मोर्चा अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा और जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक किसान यहां डटे रहेंगे.

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की ओर से भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध, न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और मजदूरों की कर्ज माफी समेत कुल 13 मांगों को लेकर यह पक्का मोर्चा लगाया गया है.(कुलवीर सिंह के इनपुट के साथ)

MORE NEWS

Read more!