
तमिलनाडु में प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को लेकर CPI(M) ने सरकार से मचंद्रनाथन समिति की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की है. पार्टी के राज्य सचिव के. शनमुगम ने सवाल उठाया कि परियोजना की व्यवहार्यता और स्थानीय लोगों की चिंताओं का अध्ययन करने वाली विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई. चेन्नई में राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान की शुरुआत के दौरान शनमुगम ने कहा कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद तत्कालीन DMK सरकार करीब दो साल तक सत्ता में रही, लेकिन इसके बावजूद समिति के निष्कर्ष सामने नहीं रखे गए. उन्होंने कहा कि सरकार को रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि तमिलनाडु की जनता जान सके कि विशेषज्ञ समिति ने परियोजना को लेकर क्या सिफारिशें की थीं.
CPI(M) नेता ने कहा कि बढ़ते यात्री और माल ढुलाई यातायात को देखते हुए चेन्नई के लिए दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत को पार्टी समझती है. हालांकि, उन्होंने परंदूर में एयरपोर्ट बनाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे महत्वपूर्ण जलस्रोतों और बहुफसली उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचेगा.
शनमुगम ने अब तक अधिग्रहित की गई जमीन किसानों को वापस करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसी जमीन का इस्तेमाल दोबारा कृषि कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत तय उद्देश्य के लिए जमीन का निर्धारित समय में इस्तेमाल नहीं होने या परियोजना के खत्म होने की स्थिति में जमीन किसानों को लौटाने का प्रावधान है.
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को छोड़ने और एयरपोर्ट के लिए किसी दूसरे स्थान की पहचान करने की घोषणा की थी. परंदूर चेन्नई-बेंगलुरु हाईवे के पास स्थित है और श्रीपेरंबदूर से करीब 28 किलोमीटर दूर है.
राज्यव्यापी अभियान के दौरान शनमुगम ने केंद्र सरकार की आर्थिक और कथित सांप्रदायिक नीतियों की आलोचना की. उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खुले बाजार में चीनी की कीमत करीब 5 रुपये बढ़कर 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. उन्होंने तमिलनाडु सरकार से लोगों को राहत देने की मांग की.
CPI(M) ने राज्य के सभी परिवारों को आवासीय जमीन के पट्टे देने की मांग भी उठाई. पार्टी ने खास तौर पर चेन्नई की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को जमीन का मालिकाना हक देने या जलमार्गों के किनारे स्थित बस्तियों के लिए उपयुक्त वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की मांग की.
शनमुगम ने तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही में राजनीतिक टकराव के कारण महत्वपूर्ण समय बर्बाद होने पर चिंता जताई. उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही के लाइव प्रसारण का स्वागत करते हुए स्पीकर से प्रमुख विधायी बहसों के दौरान सभी राजनीतिक दलों को निष्पक्ष और पर्याप्त समय देने की अपील की. (पीटीआई)