'भ्रम फैला रहा विपक्ष', फसल खरीद सिस्टम पर CM सैनी का बड़ा बयान

'भ्रम फैला रहा विपक्ष', फसल खरीद सिस्टम पर CM सैनी का बड़ा बयान

CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिलों भर की मंडियों की नियमित निगरानी की ज़िम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, और उपायुक्तों (DCs) को खरीद व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है. सीएम ने किसानों से इन उपायों को लागू करने में सहयोग देने की अपील की.

सीएम नायब सिंह सैनी (File Photo: PTI)सीएम नायब सिंह सैनी (File Photo: PTI)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 09, 2026,
  • Updated Apr 09, 2026, 5:02 PM IST

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को विपक्ष पर "गलत जानकारी" फैलाने का आरोप लगाया है. विपक्ष यह गलत जानकारी फैला रहा था कि उनकी सरकार ने फसलों की खरीद पर कई गैर-जरूरी शर्तें लगा दी हैं. CM सैनी ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा कि सरकार ने खरीद सिस्टम में व्यापक सुधार लागू किए हैं और हर अनाज मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं. उन्होंने कहा कि इन तकनीक-आधारित पहलों से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ी है, जिससे अंततः किसानों को ही फायदा होगा.

मंडियों की निगरानी करेंगे अधिकारी

CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिलों भर की मंडियों की नियमित निगरानी की ज़िम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, और उपायुक्तों (DCs) को खरीद व्यवस्था का प्रभारी बनाया गया है. सीएम ने किसानों से इन उपायों को लागू करने में सहयोग देने की अपील की.

भूपिंदर सिंह हुड्डा ने लगाया आरोप

बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा था कि किसानों ने उन्हें मंडियों में "अफरा-तफरी" जैसी स्थितियों के बारे में बताया है. विपक्ष के नेता ने कहा कि गेहूं और सरसों की खरीद करने के बजाय, भाजपा सरकार ने किसानों पर शर्तें थोप दी हैं. भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि किसान पोर्टल पंजीकरण, गेट पास, जमानतदार, बायोमेट्रिक सत्यापन, ट्रैक्टर पंजीकरण संख्या और सामान्य सत्यापन जैसी जरूरतों को पूरा करने के लिए नौकरशाही के जाल में फंस जाते हैं, और इसके परिणामस्वरूप उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है.

फसल खरीद सिस्टम होगी मजबूत

सीएम नायब सिंह सैनी ने जोर देकर कहा कि इन उपायों से खरीद प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और किसान-हितैषी बनेगी. नए उपायों का एक हिस्सा अनिवार्य तीन-स्तरीय फसल सत्यापन प्रणाली है. इस सिस्टम के तहत, खरीद केंद्रों पर लाई गई फसलों का मिलान किसान द्वारा पंजीकृत फसलों से किया जाएगा, और किसानों का आधार-आधारित बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन किया जाएगा.

मंडियों में लाए गए 75 प्रतिशत गेहूं

8 अप्रैल तक मंडियों में लाए गए 75 प्रतिशत गेहूं का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका था. उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए तीन नामित व्यक्तियों तक को भी अनुमति दी गई है. सीएम सैनी ने कहा कि सभी मंडियों और गोदामों को अनधिकृत उपयोग को रोकने और स्थान-आधारित निगरानी को मज़बूत करने के लिए जियो-फेंसिंग के दायरे में लाया गया है.

अब तक 416 गेहूं मंडियों, 112 सरसों मंडियों और अधिक आवक को संभालने के लिए 179 अतिरिक्त स्थानों पर जियो-फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है. इसके अलावा खाद्यान्नों के सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण को सुनिश्चित करने के लिए 1,344 भंडारण स्थलों को जियो-फेंस भी किया गया है. एंट्री गेट पास जारी करते समय वाहन का नंबर दर्ज करना और वाहन/लोड की तस्वीरें लेना अनिवार्य कर दिया गया है.

वाहन की तस्वीरों के आधार पर मिलेगें गेट पास

बहुत पुराने या नए वाहनों के मामलों में जहां वाहन का नंबर उपलब्ध नहीं हो सकता है, केवल वाहन की तस्वीरों के आधार पर भी गेट पास जारी किए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों से स्टॉक बाहर ले जाने से पहले, एग्जिट गेट पास के लिए ट्रांसपोर्टर और मार्केट कमेटी सचिव, दोनों से अनिवार्य मंजूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए. सीएम  सैनी ने बताया कि 8 अप्रैल तक कुल 1,74,635 एग्जिट गेट पास जारी किए जा चुके थे. (PTI)

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