अमृतसर में गेहूं फसल को 50 से 100 फीसदी नुकसान! किसानों ने उठाई 70 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

अमृतसर में गेहूं फसल को 50 से 100 फीसदी नुकसान! किसानों ने उठाई 70 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

अमृतसर में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. कई इलाकों में फसल जमीन पर गिर गई है और किसानों को 50 से 100 प्रतिशत तक नुकसान झेलना पड़ा है. बढ़ी लागत और कम दाम के बीच किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं.

Amritsar Rain Crop LossAmritsar Rain Crop Loss
क‍िसान तक
  • Amritsar,
  • Apr 09, 2026,
  • Updated Apr 09, 2026, 2:37 PM IST

अमृतसर जिले में लगातार हो रही बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की हालत बेहद खराब कर दी है. किसानों की छह महीने तक देखभाल की गई गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. खेतों में खड़ी फसल जमीन पर गिर चुकी है, जिससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. किसान नेता गुरदेव सिंह गुरपाल ने अपनी पत्नी के साथ मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इस साल मौसम की मार ने किसानों को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है. पहले असमय गर्मी के कारण गेहूं का दाना छोटा रह गया और कीटों के प्रकोप के चलते बार-बार स्प्रे करनी पड़ी, जिससे लागत काफी बढ़ गई. 

50-100 फीसदी नुकसान की आशंका

इसके बाद आई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने बची-खुची फसल भी तबाह कर दी. उन्होंने कहा कि मजीठा क्षेत्र में लगभग 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है, जबकि उनके इलाके में भी 50 प्रतिशत से अधिक फसल खराब हो चुकी है. किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल छह महीने की मेहनत का नतीजा होती है, जिसमें बुवाई से लेकर कटाई तक लगातार देखभाल करनी पड़ती है.

13 अप्रैल से शुरू होनी थी कटाई

किसानों को उम्मीद थी कि 13 अप्रैल को बैसाखी के मौके पर फसल की कटाई शुरू होगी और उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी, लेकिन बारिश ने उनकी सारी खुशियों पर पानी फेर दिया. किसानों का कहना है कि गेहूं ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है, जिससे वे अपने परिवार का खर्च, बच्चों की जरूरतें और शादी-ब्याह जैसे काम पूरे करते हैं.

किसानों ने बताया कि फसल गिरने के कारण कटाई का खर्च भी बढ़ जाएगा, क्योंकि मशीनों का किराया दोगुना तक हो जाता है. वहीं, गिरी हुई फसल का बाजार भाव भी कम मिलता है, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.

70 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

किसानों ने सरकार से अपील की है कि तुरंत पटवारी और तहसीलदार को भेजकर फसल का सर्वे करवाया जाए और उन्हें कम से कम 70 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें. किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द मदद नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से तबाह हो सकती है.

बता दें कि हाल के दिनों में पूरे पंजाब में 1.25 लाख हेक्‍टेयर से ज्‍यादा फसल खराब हुई है. इसमें सबसे ज्‍यादा गेहूं की फसल प्रभावित हुई है. पंजाब सरकार ने गिरदावरी कर जल्‍द किसानों को राहत देने की बात कही है. वहीं, केंद्र सरकार से भी टीम भेजकर नुकसान पर किसानाें को मदद देने की मांग की है. (अमित शर्मा की रिपोर्ट)

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