नवादा में जलाशय निर्माण के विरोध में SKM ने खोला मोर्चा, राकेश टिकैत किसान महापंचायत में होंगे शामि‍ल

नवादा में जलाशय निर्माण के विरोध में SKM ने खोला मोर्चा, राकेश टिकैत किसान महापंचायत में होंगे शामि‍ल

बिहार के नवादा के मोतनाजे-मधुबन में गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत जलाशय निर्माण को लेकर किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी की है. संयुक्त किसान मोर्चा 7 अक्टूबर को किसान महापंचायत करेगा, जिसमें भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत किसानों को संबोधित करेंगे.

BKU Leader Rakesh TikaitBKU Leader Rakesh Tikait
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna ,
  • Sep 29, 2026,
  • Updated Sep 29, 2026, 12:45 PM IST

बिहार में नवादा जिले के मोतनाजे-मधुबन में गंगाजल आपूर्ति योजना (फेज-II, पार्ट-I) के तहत जलाशय (रिजर्वायर) निर्माण को लेकर किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. जमीन, मुआवजा और फसल से जुड़े विवाद को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने 7 अक्टूबर को किसान महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है. संगठन से जुड़े भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेता राकेश टिकैत इस महापंचायत में किसानों को संबोधित करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा अलग-अलग पंचायतों में जाकर किसानों से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद करेगा.

किसान संगठन और सरकार आमने-सामने

मोतनाजे और मधुबन में जलाशय निर्माण को लेकर जमीन खाली कराने की प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय लोग नाराज हैं. वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप है कि ग्रामीणों को क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया गया और जमीन खाली कराने के दौरान खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया गया है. इससे पहले, सितंबर के शुरुआती दिनों में आयोजित किसान महापंचायत में बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने हिस्सा लिया था. 

सांसद ने कहा था कि मधुबन और मोतनाजे गांव के करीब 2,000 परिवार और 500 एकड़ जमीन गंगा जलाशय परियोजना के तहत बन रहे जलाशय के लिए सरकार की ओर से अधिग्रहण की जा रही है. हालांकि, यहां के लोगों ने महापंचायत में तय किया कि वे जमीन नहीं देंगे. वहीं, अगर आने वाले दिनों में सरकार किसानों से जबरदस्ती जमीन लेती है तो इसका विरोध किया जाएगा.

मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी

किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि 16 सितंबर को नवादा में प्रेस वार्ता के जरिए प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी गई थीं. उनका कहना है कि फसल के नुकसान की भरपाई और कार्रवाई को लेकर अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है. इसी मुद्दे को लेकर 7 अक्टूबर की महापंचायत में आगे की रणनीति पर काम किया जाएगा. वहीं, संगठन के नेताओं ने संकेत दिया है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

कृषि नीति और जमीन के सवाल को भी उठाएंगे

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता अशोक सिंह ने बताया कि मोतनाजे-मधुबन का मामला ही नहीं, बल्कि राज्य में किसानों से जुड़े दूसरे मुद्दों को भी महापंचायत के एजेंडे में शामिल किया गया है. संगठन का दावा है कि गांव-गांव जाकर किसानों को जमीन से जुड़े नए कानूनों और सरकार की नीतियों के बारे में जानकारी दी जाएगी. किसान नेताओं ने बिहार के विकास मॉडल में कृषि और गांवों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए.

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